अगर सेविंग्स अकाउंट में मिनिमम बैलेंस नहीं रखा तो क्या होगा ? जानिए RBI के नियम के बारें में
Udaipur Times, Minimum balance rule for savings accounts: सेविंग्स अकाउंट खोलने के बाद, ग्राहकों को अक्सर अकाउंट में एक निश्चित रकम बनाए रखनी होती है; इसे मिनिमम बैलेंस, औसत मासिक बैलेंस या मिनिमम औसत बैलेंस कहा जाता है। अगर तय औसत बैलेंस बनाए नहीं रखा जाता है, तो कुछ बैंक नॉन-मेंटेनेंस चार्ज (बैलेंस बनाए न रखने पर लगने वाला शुल्क) लगा सकते हैं। हालाँकि, इससे जुड़े नियम बैंक और सेविंग्स अकाउंट के प्रकार के आधार पर अलग-अलग हो सकते हैं।
इसलिए, अगर आपके अकाउंट का बैलेंस कम रहता है, तो यह जानना ज़रूरी है कि क्या आपके अकाउंट पर मिनिमम बैलेंस की शर्त लागू होती है और बैलेंस लिमिट से कम होने पर क्या चार्ज लग सकते हैं।
मिनिमम बैलेंस के बारे में RBI के नियम क्या हैं?
रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) के नियमों के अनुसार, बैंकों को अकाउंट खोलते समय ग्राहकों को मिनिमम बैलेंस की ज़रूरतों और बैलेंस बनाए न रखने पर लगने वाले चार्ज के बारे में साफ़ तौर पर बताना जरूरी है। अगर किसी ग्राहक का बैलेंस तय लिमिट से कम हो जाता है, तो बैंक को सबसे पहले उन्हें SMS, ईमेल या लेटर के ज़रिए सूचित करना होगा। ग्राहक को बैलेंस पूरा करने के लिए कम से कम एक महीने का समय दिया जाना चाहिए। RBI ने यह भी कहा है कि नॉन-मेंटेनेंस चार्ज बैलेंस में कमी के अनुपात में होने चाहिए। साथ ही, सिर्फ ऐसे चार्ज की वजह से सेविंग्स अकाउंट का बैलेंस नेगेटिव नहीं होना चाहिए।
SBI में मिनिमम बैलेंस बनाए न रखने पर क्या चार्ज लगता है?
SBI की मौजूदा जानकारी के अनुसार, रेगुलर सेविंग्स अकाउंट में औसत मासिक बैलेंस बनाए न रखने पर लगने वाली पेनल्टी में 11 मार्च, 2020 से बदलाव किया गया था। नतीजतन, अब रेगुलर सेविंग्स अकाउंट पर इस वजह से कोई पेनल्टी नहीं लगाई जाती है। SBI का 'बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉज़िट अकाउंट' भी ज़ीरो-मिनिमम-बैलेंस वाला अकाउंट है।
PNB में मिनिमम बैलेंस बनाए न रखने पर क्या चार्ज लगता है?
PNB की वेबसाइट के अनुसार, 'जनरल' सेविंग्स अकाउंट के लिए मिनिमम औसत बैलेंस की ज़रूरत ब्रांच की लोकेशन के आधार पर अलग-अलग होती है। बैंक की जानकारी के अनुसार, मिनिमम औसत बैलेंस की ज़रूरतें ग्रामीण ब्रांच के लिए ₹500, सेमी-अर्बन ब्रांच के लिए ₹1,000 और अर्बन व मेट्रोपॉलिटन ब्रांच के लिए ₹2,000 तय की गई हैं। यह भी साफ़ किया गया है कि मिनिमम बैलेंस बनाए न रखने पर कोई पेनल्टी चार्ज नहीं लगाया जाएगा।
जीरो-बैलेंस अकाउंट: एक विकल्प
अगर किसी ग्राहक के लिए अपने अकाउंट में हर महीने या हर तिमाही एक तय रकम बनाए रखना मुश्किल होता है, तो वे ज़ीरो-बैलेंस वाले ऑप्शन चुन सकते हैं, जैसे कि 'बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉज़िट अकाउंट'। RBI के अनुसार, ऐसे अकाउंट में मिनिमम बैलेंस बनाए रखने की कोई जरूरत नहीं होती है।
ध्यान रखें कि बैंकों द्वारा ऑफ़र किए जाने वाले अलग-अलग तरह के अकाउंट में मिनिमम बैलेंस की जरूरत, ट्रांज़ैक्शन की लिमिट और सर्विस चार्ज अलग-अलग हो सकते हैं। इसलिए, अकाउंट खोलने या बदलने से पहले बैंक की ऑफ़िशियल वेबसाइट पर लागू होने वाले चार्ज के बारे में जानकारी लेना सही रहेगा।