जब महिला ने ‘कहीं की कलेक्टर हो क्या’ कहकर मारा ताना, जवाब देने के लिए डॉक्टरी छोड़ बन गई IAS अफसर
Udaipur Times, Success Story IAS Priyanka Shukla : कहते है की मजबूत इरादे हो तो इसान कुछ भी बन सकता है। कभी कभी समाज जो बोलता ताने बोलता है और उसका जबाब इंसान अगर देना चाहे तो वह कुछ भी कर सकता है। कभी-कभी समाज के तानें कुछ बड़ा करने का जुनून लेकर आते हैं।
आज हु आपको बताने वाले है IAS प्रियंका शुक्ला की कहानी। जिन्होंने तानों को अपनी ताकत दिखा ही दी की इंसान का मजबूत इरादा कुछ भी करवा सकता है। एक महिला ने जब उनसे कहा कि ‘कहीं की कलेक्टर हो क्या’ तो यह उनके दिल में इस तरह उतरा और डॉक्टरी छोड़कर उन्होंने UPSC की तैयारी शुरू कर दी। Success Story

रास्ता कठिन होने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और इसी मजबूत इरादे से वह IAS बनीं। आज उनकी सफलता की कहानी लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है।
2006 में किया था MBBS
उत्तर प्रदेश की रहने वाली प्रियंका शुक्ला बचपन से ही पढ़ाई में तेज थीं। उनका सपना डाॅक्टर बनकर लोगों की सेवा करना था। साल 2006 में उन्होंने MBBS की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद वह डाॅक्टर बन गईं। Success Story

महिला ने कहा
डॉक्टरी करते-करते एक बार प्रियंका स्लम एरिया में गईं जहां उन्होंने एक महिला को देखा जो गंदा पानी पी रही थी और बच्चों को भी वही पानी दे रही थी। प्रियंका ने जब उसे समझाने की कोशिश की तो महिला ने कि क्या तुम कहीं की कलेक्टर हो? जो मुझे बता रही हो। इसी बात को एक मजबूत इरादा बना उन्होंने आईएएस बनने का मुकाम हासिल किया। Success Story
2009 में बनी थीं IAS
डाॅक्टरी छोड़ने के फैसले के बाद उन्होंने UPSC की तैयारी शुरू की। पहले प्रयास में उन्हें असफलता मिली थी लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने दोबारा तैयारी की। 2009 में उन्होंने UPSC परीक्षा में 73वीं रैंक हासिल कर IAS अधिकारी बनी थीं। Success Story

राष्ट्रपति मेडल से सम्मानित
IAS बनने के बाद प्रियंका शुक्ला को छत्तीसगढ़ कैडर मिला। उनकी पहली पोस्टिंग जशपुर जिले में हुई, जहां उन्होंने लोगों की समस्याओं को समझकर कई अच्छे काम किए। कोरोना महामारी के दौरान भी उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को संभालने में अहम भूमिका निभाई। डॉक्टर और अफसर दोनों जिम्मेदारियों को निभाने के लिए उन्हें राष्ट्रपति मेडल से सम्मानित किया गया। Success Story

कविताएं लिखने का शौक
प्रियंका शुक्ला को प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ उन्हें डांस, कविता और पेंटिंग का भी शौक है। Success Story वे प्रोफेशनल कंटेम्परेरी डांसर हैं और खाली समय में अपनी कला को समय देती हैं।
