सास-ससुर का मिला साथ तो बहु बन गई जज, जाने इनकी सफलता की कहानी
Udaipur Times, Success Story of Deepu Kanwar : कहते है की मेहनत अगर सच्ची हो तो सपनों को उड़ान जरूर मिलती है। आज हम आपको ऐसी कहानी के बारे में बताने जा रहे है जिन्होंने अपनि कड़ी मेहनत से ससुराल वालों नाम रोशन कर दिखाया। इस कहानी से हमें यह भी सिख मिलती है की'अगर ससुराल में भी बेटियों को भरोसा और साथ मिल जाए, तो बहू सिर्फ घर नहीं संभाल सकती, बल्कि बड़ा मुकाम भी हासिल कर सकती है।
आज हम जिनकी बात कर रहे है राजस्थान के बाड़मेर जिले की 'जज बहू' दीपू कंवर की
जज बनी बहू
राजस्थान के बाड़मेर जिले में, दीपू कंवर ने सालों तक अपने घूंघट के पीछे चुपचाप पढ़ाई की। आज, वह एक सिविल जज के तौर पर कोर्टरूम में कदम रख चुकी हैं। Success Story

पति के कहने पर की LLB
दीपू कंवर बचपन से पढ़ाई, खेल-कूद में काफी अच्छी थीं। हमेशा उनके मन में एक बड़ा अफसर बनने की ख्वाहिश थी। उन्होंने Bcom भी किया है। दीपू कंवर ने बताया है कि जब उनकी सगाई हुई, तब वे बीकॉम कर रही थीं। उनके पति लोकेंद्र सिंह भी LLB की पढ़ाई कर रहे थे। उनके पति ने उन्हें LLB करने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद उन्होंने के.पी. शाह लॉ कॉलेज जामनगर में एडमिशन लिया और लॉ की पढ़ाई पूरी की। Success Story
मिला पूरा सपोर्ट
दीपू कंवर कहती हैं कि आगे पढ़ाई करके कुछ बनना मेरे से ज्यादा ससुराल का ड्रीम बन गया। उन्होंने एक कमरे को स्टडी रूम बना लिया। वे पढ़ाई के साथ-साथ गाय का दूध निकालना, खाना बनाना और दूसरे घर के काम करती थीं। हालांकि उनके सास-ससुर ने पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए बोलते थे। Success Story
डांटते थे ससुर
एक इंटरव्यू में दीपू कंवर ने अपने सुसरा के बारे में बात करते हुए बताया कि जब वे घर के काम करती थीं, तो ससुरजी डांटते थे। वे कहते थे कि घर के काम छोड़ो और पढ़ाई करके कुछ बनकर दिखा दो। पहले पढ़ाई करो, उसके बाद दूसरे काम। दीपू की एक बेटी भी है। Success Story
जज बनीं
परिवार के सपोर्ट की वजह से जज बनने के सफर में बहुत कम रुकावटें आईं। LLB करने के बाद उन्होंने जामनगर में ही कोर्ट में प्रैक्टिस करना शुरू कर दिया था। साल 2022 में पहली बार गुजरात न्यायिक सेवा (GJS) परीक्षा दी। प्रीलिम्स और मेन्स क्वालीफाई हो गया था, लेकिन इंटरव्यू में रह गईं। Success Story
इसके बाद 2023 में मेन्स में निराशा हाथ लगी। फिर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और गुजरात राज्य न्यायिक सेवा परीक्षा की तैयारी जारी रखी। 2025 में उनकी लगन आखिरकार रंग लाई। Success Story उन्होंने गुजरात स्टेट ज्यूडिशियल सर्विस परीक्षा पास कर ली और 79वीं रैंक हासिल करके रेगिस्तान की बहू गुजरात में एक सिविल जज बन गई।
