जहां थी सिर्फ खेती आज वहीं जमीन उगल रही सोना ! रॉकेट की रफ्तार से भी तेज यहां बढ़ रहे प्रॉपर्टी के दाम
Udaipur Times, Best Villages To Invest Jewar Airport : नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) के निर्माण ने पूरे यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र की तस्वीर बदलनी शुरू कर दी है। जिन गांवों में कुछ साल पहले तक खेती होती थी, वहां अब आलीशान मकान, लग्जरी गाड़ियां, नई टाउनशिप और बड़े रियल एस्टेट प्रोजेक्ट दिखाई देने लगे हैं। एयरपोर्ट के कारण जमीन की कीमतों में कई गुना बढ़ोतरी हुई है और स्थानीय किसानों की आर्थिक स्थिति पूरी तरह बदल गई है।
दयानतपुर समेत कई गांवों की बदल गई पहचान
एयरपोर्ट के सबसे करीब स्थित दयानतपुर गांव इस बदलाव की सबसे बड़ी मिसाल बन चुका है। यहां के कई किसान करोड़पति बन गए हैं। पहले खेती पर निर्भर रहने वाले परिवार अब प्रॉपर्टी कारोबार, दुकानों और अन्य व्यवसायों में निवेश कर रहे हैं। गांव में आधुनिक कोठियां और एसयूवी गाड़ियां आम नजारा बन चुकी हैं।
इसके अलावा जेवर बांगर, बनवारीवास और नीमका गांवों की जमीन एयरपोर्ट के अगले चरण और पुनर्वास योजनाओं में शामिल की गई है। विस्थापित परिवारों के लिए यमुना एक्सप्रेसवे के पास आधुनिक टाउनशिप विकसित की जा रही है, जहां सड़क, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
निवेशकों की पहली पसंद बना यमुना एक्सप्रेसवे कॉरिडोर
15 जून 2026 को प्रस्तावित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन से पहले ही पूरा यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र निवेशकों का पसंदीदा केंद्र बन गया है। रियल एस्टेट डेवलपर्स, उद्योगपति और घर खरीदने वाले लोग तेजी से इस क्षेत्र की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
इसकी सबसे बड़ी वजह यहां तेजी से विकसित हो रहा इंफ्रास्ट्रक्चर है। मेट्रो विस्तार, फिल्म सिटी, लॉजिस्टिक्स पार्क, इंडस्ट्रियल हब और नए एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स ने इस इलाके को देश के सबसे तेजी से विकसित होने वाले क्षेत्रों में शामिल कर दिया है।
इन इलाकों में बढ़ी सबसे ज्यादा मांग
सेक्टर 22A और 22D – प्रीमियम हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के लिए चर्चा में।
सेक्टर 18 और दनकौर – जमीन आधारित निवेश के लिए बेहतर विकल्प।
Chi-5 क्षेत्र – वर्तमान सुविधाओं और भविष्य की ग्रोथ का संतुलित क्षेत्र।
किशोरपुर, रामनेर, थोरा और ख्वाजपुर गांव – तेजी से बदलते विकास केंद्र।
इन गांवों के कई किसानों ने मुआवजे की राशि से नया कारोबार शुरू किया है, जबकि कुछ लोगों ने प्रॉपर्टी और कमर्शियल निवेश का रास्ता चुना है।
दिल्ली-एनसीआर का अगला बड़ा बिजनेस हब बनेगा जेवर
एयरपोर्ट परियोजना के कारण पूरे क्षेत्र में नई सड़कें, होटल, वेयरहाउस और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स तेजी से विकसित हो रहे हैं। बेहतर कनेक्टिविटी और रोजगार के नए अवसरों के चलते विशेषज्ञ मान रहे हैं कि आने वाले वर्षों में जेवर क्षेत्र दिल्ली-एनसीआर का बड़ा आर्थिक और व्यापारिक केंद्र बन सकता है।
आज जिन गांवों की पहचान खेती थी, वहां अब आधुनिक टाउनशिप और बड़े निवेश प्रोजेक्ट्स की नई कहानी लिखी जा रही है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने न केवल क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी है, बल्कि यमुना एक्सप्रेसवे कॉरिडोर को उत्तर भारत के सबसे बड़े रियल एस्टेट और निवेश केंद्रों में शामिल करने की राह भी खोल दी है।
