घर में जमीन या डाइनिंग टेबल में से कहां बैठकर खाना रहेगा फायदेमंद ? जाने वास्तु नियम
Udaipur Times, Vastu Tips: आज की मॉडर्न लाइफस्टाइल में डाइनिंग टेबल पर खाना आम बात हो गई है। घर की सुंदरता हो या सुविधा, लोग डाइनिंग टेबल को ही प्राथमिकता देते हैं। वास्तु शास्त्र में खाना खाने के तरीकों और नियमों पर खास ज़ोर दिया गया है। वास्तु के अनुसार, हमारे खाने का तरीका और किस दिशा में मुंह करके हम खाना खाते हैं, इसका सीधा असर हमारी सेहत, मानसिक स्थिति और घर की खुशहाली पर पड़ता है।
वास्तु शास्त्र और आयुर्वेद, दोनों ही ज़मीन पर बैठकर खाना फायदेमंद
वास्तु शास्त्र और आयुर्वेद, दोनों ही ज़मीन पर बैठकर खाना खाने को सबसे अच्छा और फायदेमंद मानते हैं। जब हम ज़मीन पर सुखासन (पैर मोड़कर बैठना) में बैठकर खाना खाते हैं, तो पृथ्वी तत्व से हमारा सीधा संपर्क बनता है। इससे शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और मन शांत रहता है। साथ ही, ज़मीन पर बैठकर खाना भोजन (अन्न) के प्रति सम्मान का प्रतीक माना जाता है। ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है और कभी भी अन्न या धन की कमी नहीं होती।
सीधे ज़मीन पर न बैठें
वास्तु शास्त्र के अनुसार, कभी भी सीधे नंगी ज़मीन पर बैठकर खाना नहीं खाना चाहिए। सीधे ज़मीन पर बैठने से शरीर की ऊर्जा धरती में चली जाती है। इसके बजाय, खाना खाते समय हमेशा कुश घास की चटाई, सूती कपड़े या लकड़ी के तख्ते (आसन) पर बैठें। इससे शरीर की ऊर्जा बनी रहती है और स्वच्छता भी बनी रहती है।
खाना खाने की सही दिशा जाने
खाना खाते समय आप किस दिशा में मुंह करके बैठते हैं, इसका बहुत असर होता है।
पूर्व – पूर्व दिशा की ओर मुंह करके खाना खाने से आयु बढ़ती है, पाचन तंत्र मजबूत होता है और शरीर की ऊर्जा बढ़ती है।
उत्तर – उत्तर दिशा की ओर मुंह करके खाना खाने से धन, विद्या और ज्ञान की प्राप्ति होती है। यह दिशा युवाओं और छात्रों के लिए बहुत अच्छी है।
पश्चिम – पश्चिम दिशा की ओर मुंह करके खाना खाने से व्यापार में तरक्की और आर्थिक लाभ होता है।
दक्षिण – खाना खाते समय कभी भी दक्षिण दिशा की ओर मुंह न करें। इसे पितरों की दिशा माना जाता है। इस दिशा में मुंह करके खाना खाने से पाचन संबंधी बीमारियां हो सकती हैं और मानसिक तनाव बढ़ सकता है। टेबल पर खाना खाने के लिए वास्तु के नियम
अगर शारीरिक मजबूरी या ज़रूरत के कारण आपको डाइनिंग टेबल का इस्तेमाल करना ही पड़े, तो इन बातों का ध्यान रखें:
टेबल का आकार
डाइनिंग टेबल चौकोर या आयताकार होनी चाहिए। वास्तु के अनुसार गोल या अंडाकार टेबल शुभ नहीं मानी जाती हैं।
डाइनिंग टेबल की जगह
घर के पश्चिमी या दक्षिण-पूर्वी (आग्नेय कोण) हिस्से में डाइनिंग टेबल रखना शुभ माना जाता है।
बैठने की दिशा
टेबल पर बैठते समय ध्यान रखें कि आपका मुंह पूर्व या उत्तर दिशा की ओर हो। वास्तु शास्त्र और सेहत, दोनों ही नज़रिए से ज़मीन पर (चटाई बिछाकर) बैठकर खाना सबसे अच्छा माना जाता है। हालाँकि, अगर आप डाइनिंग टेबल का इस्तेमाल करते हैं, तो सही जगह और नियमों का पालन करके आप नकारात्मक प्रभावों से बच सकते हैं।