IAS अस्मिता लाल कौन हैं और उन्होंने डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट का पद कैसे हासिल किया ?
Udaipur Times, IAS Asmita Lal : उत्तर प्रदेश के बागपत जिले की जिलाधिकारी (DM) अस्मिता लाल जनता की सेवा के प्रति अपने समर्पण के कारण काफी चर्चा में हैं। चाहे मुख्यमंत्री की सामूहिक विवाह योजना हो या 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान, DM अस्मिता लाल हर छोटी-बड़ी बात पर ध्यान देती हैं और लोगों का दिल जीतती हैं। ऐसा ही एक वाकया तब हुआ जब जिले की सभी तहसीलों में आयोजित 'तहसील दिवस' कार्यक्रम के दौरान DM अस्मिता लाल खुद कंप्यूटर पर बैठकर किसानों की मदद करने लगीं।
बागपत तहसील दिवस पर एक घंटे तक लोगों की शिकायतें सुनने के बाद, वह अचानक अपनी सीट से उठीं और तहसील कार्यालय का औचक निरीक्षण करने लगीं। वह सीधे 'खतौनी' (ज़मीन के रिकॉर्ड) काउंटर पर गईं और कर्मचारियों से रिकॉर्ड के बारे में पूछताछ करने लगीं। इसी बीच, काउंटर पर किसानों की भीड़ जमा हो गई।

किसानों से सीधी बातचीत
DM ने खुद खतौनी के रिकॉर्ड निकाले और एक-एक करके किसानों को सौंपे। उन्होंने किसानों से यह भी पूछा कि दस्तावेजों के लिए उनसे कितना शुल्क लिया जा रहा है। इसके बाद उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भविष्य में खतौनी पर शुल्क की राशि स्पष्ट रूप से लिखी जाए और बिना शुल्क दर्ज किए कोई भी दस्तावेज जारी न किया जाए। साथ ही, उन्होंने तहसील प्रशासन को किसानों के बैठने की उचित व्यवस्था करने का निर्देश दिया और पीने के पानी की सुविधा व साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की बात कही।
कांवड़ यात्रा के दौरान चर्चा में रहीं
अस्मिता लाल 2026 की सावन कांवड़ यात्रा के दौरान बागपत की ज़िला मजिस्ट्रेट के तौर पर भी चर्चा में रहीं। इस कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं पर फूल बरसाते हुए उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं। इससे पहले भी, बागपत में उनके कई सामाजिक और प्रशासनिक कामों को दिखाने वाली तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर अक्सर सामने आते रहे थे।

अस्मिता लाल: 2015 बैच की IAS अधिकारी
अस्मिता लाल 2015 बैच की IAS अधिकारी हैं। उन्होंने मुंबई यूनिवर्सिटी से साइकोलॉजी में बैचलर डिग्री और जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी से पब्लिक पॉलिसी और मैनेजमेंट में मास्टर डिग्री हासिल की है। अपनी ट्रेनिंग के बाद, उन्होंने अलीगढ़ में असिस्टेंट मजिस्ट्रेट, मुरादाबाद में जॉइंट मजिस्ट्रेट, लखनऊ में सरकार की स्पेशल सेक्रेटरी और गाजियाबाद में चीफ डेवलपमेंट ऑफिसर के तौर पर काम किया है। उन्होंने UPSIDA की एडिशनल CEO (ACEO) के तौर पर भी काम किया है। उन्होंने 18 जनवरी, 2025 को बागपत के ज़िला मजिस्ट्रेट का पद संभाला। 'तहसील दिवस' के दौरान किसानों से बातचीत करते हुए और कंप्यूटर पर खुद जमीन के रिकॉर्ड (खतौनी) निकालते हुए उनके वीडियो और फ़ोटो भी काफ़ी चर्चा में रहे हैं।

उन्होंने ऑल-इंडिया रैंक कैसे हासिल की?
अस्मिता लाल ने अपने तीसरे प्रयास में IAS अधिकारी बनने का सपना पूरा किया। वह अपने पहले प्रयास में सफल नहीं हो पाई थीं, जबकि दूसरे प्रयास में उन्होंने UPSC परीक्षा पास की और इंडियन रेलवे अकाउंट्स सर्विस (IRAS) जॉइन की। इसके बाद, अपने तीसरे प्रयास में उन्होंने 2014 की UPSC सिविल सेवा परीक्षा में देशभर में 454वीं रैंक हासिल की, जिसके बाद उन्हें उत्तर प्रदेश कैडर मिला।