जानिए कौन है भारत की पहली महिला टॉप गन, जहां नहीं पहुंच पाया कोई वहां भावना कंठ ने रच दिया इतिहास ?
Udaipur Times, IAF's first woman : भारतीय वायु सेना (IAF) की स्क्वाड्रन लीडर भावना कंठ ने ग्वालियर स्थित टैक्टिक्स एंड एयर कॉम्बैट डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट (टीएसीडीई) में प्रतिष्ठित फाइटर कॉम्बैट लीडर (एफसीएल) कोर्स को सफलतापूर्वक पूरा करने वाली पहली महिला पायलट बनकर अपने नाम एक और उपलब्धि दर्ज कर ली है।
भारत की पहली महिला टॉप गन बनीं
भावना कंठ के लिए यह उपलब्धि बहुत ही खास है। दरअसल, भारतीय वायु सेना में के बहुत कम पायलटों को ही इस मुश्किल 20-हफ्ते के प्रोग्राम के लिए चुना जाता है, जिसमें अधिकारियों को एडवांस्ड कॉम्बैट टैक्टिक्स (लड़ाई की उन्नत रणनीतियों) की ट्रेनिंग दी जाती है।
भारतीय वायु सेना ने इतिहास में पहली बार तीन महिला पायलटों भावना कंठ, अवनी चतुर्वेदी और मोहना सिंह को कमीशन किया था।

मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स में बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की
भावना कंठ मूल रूप से बिहार के दरभंगा जिले की रहने वाली हैं। लेकिन भावना का जन्म बरौनी में हुआ था। उन्होंने अपनी शुरूआती पढ़ाई बरौनी रिफाइनरी स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल से की। स्कूली पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने राजस्थान के कोटा में इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी की। इसके बाद उन्होंने बेंगलुरु के बीएमएस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स में बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की।
इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद भावना ने TCS में नौकरी की। इसके बाद में उनका चयन भारतीय वायु सेना में हुआ और उन्होंने फाइटर पायलट बनने की दिशा में ऐतिहासिक यात्रा शुरू की।

क्या होता है TACDE ?
TACDE का फुल फॉर्म है Tactics and Air Combat Development Establishment यह भारतीय वायु सेना का एक प्रमुख और प्रतिष्ठित प्रशिक्षण संस्थान है। साल 1971 में इसे 'टैक्टिक्स एंड कॉम्बैट डेवलपमेंट एंड ट्रेनिंग स्क्वाड्रन' के तौर पर स्थापित किया गया था, लेकिन 1972 में TACDE का नया नाम दिया गया। TACDE का मुख्य उद्देश्य वायु सेना की ऑपरेशनल और कॉम्बैट क्षमताओं को बेहतर बनाना है।
यह संस्थान लड़ाकू अभियानों के लिए नई युद्ध रणनीतियां विकसित करता है। TACDE की तुलना आमतौर पर अमेरिकी नौसेना के 'स्ट्राइक फाइटर टैक्टिक्स इंस्ट्रक्टर' प्रोग्राम से की जाती है, जिसे 'टॉप गन' के नाम से भी जाना जाता है। यहां फाइटर पायलट, ट्रांसपोर्ट एयरक्रू, हेलीकॉप्टर पायलट और रडार कंट्रोलर्स को एडवांस्ड ट्रेनिंग दी जाती है।
