कौन हैं सौम्या पांडे ? पहले ही प्रयास में बनी IAS अफसर, अब संभाल रही हैं BDA की कमान

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कौन हैं सौम्या पांडे ? पहले ही प्रयास में बनी IAS अफसर, अब संभाल रही हैं BDA की कमान

Udaipur Times, IAS Saumya Panday : प्रयागराज की एक होनहार छात्रा, जिसने हमेशा अपनी पढ़ाई में बेहतरीन प्रदर्शन किया, उसने इंजीनियरिंग में गोल्ड मेडल जीता और फिर देश की सबसे कठिन UPSC परीक्षा में अपने पहले ही प्रयास में ऑल इंडिया रैंक 4 हासिल करके इतिहास रच दिया। आज, वही IAS अधिकारी, सौम्या पांडे, बरेली के विकास की कमान संभाले हुए हैं।

बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) की उपाध्यक्ष का पद संभाला

उत्तर प्रदेश कैडर की 2017-बैच की IAS अधिकारी सौम्या पांडे ने जून 2026 में बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) की उपाध्यक्ष का पद संभाला। पदभार संभालने के बाद, उन्होंने स्पष्ट किया कि शहर का विकास उनकी प्राथमिकता होगी और अवैध निर्माण व अनाधिकृत कॉलोनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कौन हैं सौम्या पांडे ?

देश भर में प्राप्त की चौथी रैंक

सौम्या पांडे की सफलता की कहानी युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है। उन्होंने मोतीलाल नेहरू नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, प्रयागराज से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। इसके बाद, उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2016 में सफलता हासिल की और देश भर में चौथी रैंक प्राप्त की। महज 23 साल की उम्र में यह उपलब्धि हासिल करने से वह देश की प्रमुख युवा IAS अधिकारियों में शामिल हो गईं। अब, उन पर बरेली के नियोजित और आधुनिक विकास को सुनिश्चित करने की बड़ी जिम्मेदारी है।

बरेली कैसे बनेगा एक आधुनिक शहर

BDA के महत्वाकांक्षी एजेंडे में सप्तनाथ इको सिटी, एक औद्योगिक टाउनशिप, ग्रेटर बरेली आवासीय योजना और रामगंगा नगर योजना जैसी बड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। लगभग 1,300 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित सप्तनाथ इको सिटी परियोजना को आधुनिक सुविधाओं और बेहतर कनेक्टिविटी के साथ विकसित करने की योजना है। वहीं, ग्रेटर बरेली में आधुनिक बुनियादी ढांचे, भूमिगत बिजली नेटवर्क और बेहतर नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके अलावा, 'नाथ कॉरिडोर' और शहर के सौंदर्यीकरण से जुड़ी परियोजनाएं जिनका उद्देश्य बरेली की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करना है भी काफी महत्वपूर्ण हैं।

कौन हैं सौम्या पांडे ?

गुणवत्ता नियंत्रण सुनिश्चित करने और समय-सीमा का पालन करने पर विशेष जोर 

BDA 'रामायण वाटिका' की योजनाओं और शहर के पार्कों व सार्वजनिक स्थानों में सुधार पर भी ध्यान केंद्रित कर रहा है। जब से सौम्या पांडे ने पदभार संभाला है, BDA की चल रही परियोजनाओं की समीक्षा करने, गुणवत्ता नियंत्रण सुनिश्चित करने और समय-सीमा का पालन करने पर विशेष जोर दिया गया है। उनके काम करने के तरीके में निर्माण कार्य में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और अवैध निर्माण के खिलाफ कड़ा रुख अपनाना झलकता है।

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