जानिए कौन हैं महिला कर्नल अधिकारी शिखा भदौरिया ? उत्तर कश्मीर में मिली अब ये बड़ी जिम्मेदारी
Udaipur Times, Colonel Shikha Bhadauria : कर्नल शिखा भदौरिया (Colonel Shikha Bhadauria) ने प्रोजेक्ट बीकॉन के तहत 32 बॉर्डर रोड्स टास्क फोर्स की कमान संभाली है। यह बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन के भीतर नेतृत्व की भूमिकाओं में महिला अधिकारियों के लिए एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
कौन हैं कर्नल शिखा भदौरिया (Colonel Shikha Bhadauria)
कर्नल शिखा भदौरिया उत्तरप्रदेश के आगरा की बाह तहसील के पुरा बाघराज (कैंजरा) गांव की रहने वाली हैं। उनके परिवार में देश सेवा की एक लंबी और गौरवशाली परंपरा रही है। शिखा भदौरिया के पिता विजय प्रताप सिंह भदौरिया हैं. उनके पति कर्नल ऋषभ सिंह और उनके चाचा कर्नल गजेन्द्र सिंह भदौरिया भी भारतीय सेना में देश की सेवा कर रहे हैं। गौरतलब है कि बाह क्षेत्र की पहली महिला कर्नल बनने वाली शिखा आज न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे आगरा और देश की बेटियों के लिए एक मिसाल बन चुकी हैं।
'वुमन ऑफिसर ऑफ द ईयर' सम्मान से सम्मानित किया गया
साल 2018 में कर्नल शिखा भदौरिया को 'वुमन ऑफिसर ऑफ द ईयर' सम्मान से सम्मानित किया गया था। वह अकादमी की स्वर्ण पदक विजेता और राष्ट्रीय स्तर की निशानेबाज भी रह चुकी हैं। उन्होंने आईआईटी रुड़की से एमटेक की डिग्री प्राप्त की है।
IIT रुड़की से एमटेक की डिग्री हासिल की
शिखा भदौरिया ने देश के जाने-माने संस्थान IIT रुड़की से एमटेक की डिग्री हासिल की है। सैन्य अकादमी में ट्रेनिंग के दौरान उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल (Gold Medal) अपने नाम किया था।
उत्तर कश्मीर में तैनात
वर्तमान में कर्नल शिखा भदौरिया उत्तर कश्मीर में तैनात हैं। उनकी जिम्मेदारियों में सामरिक रूप से महत्वपूर्ण सड़क संपर्क बनाए रखना, सैन्य अभियानों के लिए आवश्यक सड़क सुविधाओं को सुचारु रखना और पवित्र श्री अमरनाथ यात्रा के दौरान सुरक्षित एवं सुचारु यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करना शामिल है।
