पेट्रोल-डीजल से लेकर घरेलू सामान होंगे सस्ते ? जाने US-ईरान शांति समझौते से भारत को क्या-क्या होंगे फायदे
Udaipur Times, US-Iran Peace Deal Positive Impact on India : अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव के बाद प्रस्तावित शांति वार्ता को लेकर महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। पहले यह बैठक स्विट्जरलैंड के ब्यूर्गनस्टॉक रिजॉर्ट में होने की संभावना जताई गई थी, लेकिन ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार फिलहाल इस वार्ता को स्थगित कर दिया गया है। 107 दिनों के संघर्ष के बाद दोनों देशों के प्रतिनिधियों के आमने-सामने बैठने और समझौते के क्रियान्वयन और आगे की रूपरेखा पर चर्चा की उम्मीद थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, अगर भविष्य में यह प्रस्तावित शांति समझौता लागू होता है, तो इसका सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ेगा और भारत जैसे तेल आयातक देशों को बड़ी राहत मिल सकती है।
भारत को क्यों मिलेगा फायदा?
भारत अपनी कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की जरूरत का करीब 85 प्रतिशत हिस्सा आयात करता है। ऐसे में वैश्विक आपूर्ति में किसी भी तरह का बदलाव सीधे देश के ईंधन दामों पर असर डालता है। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के कारण हाल में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हुई थी, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ गई थीं। अगर शांति समझौते के बाद इस मार्ग से सप्लाई सामान्य होती है, तो कच्चे तेल की आपूर्ति बढ़ सकती है और वैश्विक कीमतों में गिरावट संभव है।
पेट्रोल-डीजल और LPG हो सकते हैं सस्ते
तेल की कीमतों में नरमी आने से भारत में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी (LPG) के दामों में कमी की संभावना जताई जा रही है। भारत एलपीजी का भी लगभग 88 प्रतिशत आयात करता है, इसलिए इसकी कीमतों पर भी सीधा असर पड़ेगा। डीजल सस्ता होने से ट्रांसपोर्ट, कृषि और लॉजिस्टिक्स लागत घट सकती है, जिससे सब्जियों, अनाज और अन्य रोजमर्रा की चीजों की कीमतों में भी राहत मिल सकती है।
रोजमर्रा के इस्तेमाल में होने वाली चीजों का घटेगा दाम
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का असर केवल ईंधन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका प्रभाव कई उद्योगों पर पड़ता है
कपड़ा और फैशन इंडस्ट्री: सिंथेटिक फाइबर सस्ता होने से कपड़े और होम फर्निशिंग के दाम घट सकते हैं
प्लास्टिक और पैकेजिंग: डिटर्जेंट, साबुन, बोतलें और पैकेजिंग सामग्री सस्ती हो सकती है
कॉस्मेटिक उत्पाद: क्रीम, लोशन, लिपस्टिक और अन्य ब्यूटी प्रोडक्ट्स की कीमतों में कमी संभव
टायर और रबर इंडस्ट्री: कच्चे माल की लागत घटने से टायर सस्ते हो सकते हैं
दवाइयां और मेडिकल प्रोडक्ट्स: कुछ मेडिकल उपकरण और सामग्री की लागत भी कम हो सकती है
कृषि और परिवहन सेक्टर को भी राहत
डीजल सस्ता होने से खेती की लागत कम होगी, क्योंकि ट्रैक्टर, सिंचाई और ट्रांसपोर्ट में इसका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है। साथ ही खाद और कीटनाशकों की कीमतों में भी कमी आने की संभावना है, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिल सकता है।
EMI और महंगाई पर असर
अगर कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक कम रहती हैं, तो देश में महंगाई दर घट सकती है। इससे भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को ब्याज दरें स्थिर रखने या कम करने का मौका मिल सकता है, जिसका सीधा फायदा होम लोन, कार लोन और अन्य EMI पर पड़ सकता है।
