क्या 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर होगा 3 से ज्यादा ? जानिए एक्सपर्ट की बात
Udaipur Times, 8th Pay Commission : 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच सबसे ज्यादा चर्चा फिटमेंट फैक्टर को लेकर हो रही है। कई कर्मचारी संगठन फिटमेंट फैक्टर को 3 से अधिक करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन फिलहाल इस संबंध में कोई आधिकारिक फैसला नहीं हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि 3 से अधिक फिटमेंट फैक्टर की संभावना अभी केवल अटकलों तक सीमित है।
3 से ऊपर फिटमेंट फैक्टर पर क्या बोले एक्सपर्ट?
बैंकबाजार के सीईओ आदिल शेट्टी के अनुसार, 8वें वेतन आयोग ने अभी तक अपनी सिफारिशें सरकार को नहीं सौंपी हैं और न ही फिटमेंट फैक्टर को लेकर कोई संभावित आंकड़ा जारी किया है। ऐसे में 3 से अधिक फिटमेंट फैक्टर की चर्चा केवल अनुमान है। उनका कहना है कि यदि फिटमेंट फैक्टर बहुत अधिक रखा जाता है तो इससे सरकार के खजाने पर बड़ा वित्तीय बोझ पड़ेगा। इसलिए सरकार ऐसा फैसला लेगी, जिससे कर्मचारियों को लाभ भी मिले और वित्तीय संतुलन भी बना रहे।
31 जुलाई तक भेजे जा सकते हैं सुझाव
8वें वेतन आयोग ने पात्र कर्मचारी संगठनों, मान्यता प्राप्त यूनियनों और अन्य हितधारकों से 31 जुलाई तक यूनिक मेमो आईडी के साथ अपने सुझाव और मांगें भेजने को कहा है। इसके बाद दिल्ली समेत विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में हितधारकों के साथ बैठकें आयोजित की जाएंगी।
आयोग के गठन को पूरे हुए 9 महीने
केंद्र सरकार ने 3 नवंबर 2025 को न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में 8वें वेतन आयोग का गठन किया था। आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। आयोग अब अपने कार्यकाल के मध्य चरण में पहुंच चुका है और कर्मचारियों, पेंशनर्स तथा विभिन्न संगठनों से सुझाव लेने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
क्या है फिटमेंट फैक्टर?
फिटमेंट फैक्टर वह गुणक (Multiplier) होता है, जिसके आधार पर कर्मचारियों के मौजूदा मूल वेतन (Basic Pay) को संशोधित किया जाता है। 6वें वेतन आयोग में यह 1.86 था, जबकि 7वें वेतन आयोग में इसे बढ़ाकर 2.57 कर दिया गया था। 8वें वेतन आयोग में नया फिटमेंट फैक्टर तय होने के बाद कर्मचारियों की बेसिक सैलरी और पेंशन में बढ़ोतरी होगी।
इन मुद्दों पर भी होगा फैसला
आयोग केवल वेतन ही नहीं, बल्कि पेंशन, महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA) और अन्य भत्तों की भी समीक्षा कर रहा है। माना जा रहा है कि नए वेतन ढांचे में डीए को मर्ज किया जा सकता है और अन्य भत्तों में भी बदलाव की सिफारिश की जा सकती है।
अब तक क्या है स्थिति?
31 जुलाई तक सुझाव भेजने की अंतिम तिथि तय की गई है।
दिल्ली में 7 और 10 अगस्त को हितधारकों के साथ बैठकें प्रस्तावित हैं।
चेन्नई में 7-8 सितंबर और पुडुचेरी में 9 सितंबर को भी बैठकें आयोजित की जाएंगी।
आयोग ने अभी तक अपनी अंतिम रिपोर्ट सरकार को नहीं सौंपी है।
अंतिम फैसला आयोग की सिफारिशों पर केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद ही होगा।
कब लागू हो सकता है नया वेतनमान?
फिलहाल आयोग विभिन्न राज्यों में बैठकें और परामर्श कर रहा है। उम्मीद है कि आयोग मई-जून 2027 तक अपनी अंतिम रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंप सकता है। रिपोर्ट पर सरकार की मंजूरी मिलने के बाद नया वेतनमान 1 जनवरी 2026 से प्रभावी किया जा सकता है। ऐसे में कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को एरियर (Arrears) का भी लाभ मिल सकता है।
