क्या 8वें वेतन आयोग में डबल हो जाएगी तनख्वाह ? 2.0 फिटमेंट फैक्टर का क्या होगा असर, जाने पूरा गणित
Udaipur Times, 8th Pay Commission : केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को 8वें वेतन आयोग से बड़ी वेतन बढ़ोतरी की उम्मीद है। फिटमेंट फैक्टर को लेकर भी कई तरह के अनुमान सामने आ रहे हैं। कुछ रिपोर्ट्स में इसे 2.0 से 3.0 के बीच रहने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी फिटमेंट फैक्टर या वेतन बढ़ोतरी को लेकर कोई अंतिम आंकड़ा जारी नहीं किया गया है।
क्या 2.0 फिटमेंट फैक्टर का मतलब सैलरी डबल होना है?
अगर 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.0 तय होता है तो इसका सीधा मतलब यह नहीं है कि कर्मचारी की कुल सैलरी दोगुनी हो जाएगी। फिटमेंट फैक्टर का इस्तेमाल मुख्य रूप से बेसिक पे को संशोधित करने के लिए किया जाता है। इसके बाद महंगाई भत्ता (DA) और दूसरे भत्ते जुड़ने पर कुल सैलरी तय होगी।
पिछले वेतन आयोगों में भी फिटमेंट फैक्टर और कुल वेतन बढ़ोतरी में काफी अंतर रहा है। इसलिए केवल फिटमेंट फैक्टर को देखकर यह कहना सही नहीं होगा कि कर्मचारी की पूरी सैलरी दोगुनी हो जाएगी।
2.0 फिटमेंट फैक्टर पर कितना बढ़ सकता है वेतन?
मान लीजिए किसी कर्मचारी की मौजूदा बेसिक सैलरी रु25,500 है। अगर फिटमेंट फैक्टर 2.0 माना जाए तो नए वेतन की गणना में बेसिक करीब रु51,000 हो सकता है।
हालांकि कर्मचारी की कुल इन-हैंड सैलरी केवल बेसिक पे के आधार पर तय नहीं होती। इसमें DA, HRA और अन्य भत्ते भी शामिल होते हैं। इसलिए कुल वेतन में बढ़ोतरी बेसिक सैलरी के मुकाबले अलग हो सकती है।
7वें वेतन आयोग में क्या थी रणनीति ?
7वें वेतन आयोग में 2.57 फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था। लेकिन इसका मतलब यह नहीं था कि कर्मचारियों की कुल सैलरी 2.57 गुना हो गई। फिटमेंट फैक्टर में उस समय महंगाई भत्ते समेत कई चीजों का समायोजन किया गया था।
इसी वजह से 8वें वेतन आयोग में भी 2.0 फिटमेंट फैक्टर को सीधे 100 फीसदी वेतन बढ़ोतरी समझना सही नहीं होगा।
8वे वेतन आयोग में सरकार ने क्या तय किया है?
फिलहाल 8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया चल रही है। आयोग कर्मचारियों, पेंशनर्स और विभिन्न संगठनों से उनकी मांगों और सुझावों पर चर्चा कर रहा है। इन सुझावों के आधार पर आयोग अपनी रिपोर्ट तैयार करेगा और उसे सरकार को सौंपेगा।
इसके बाद सरकार की मंजूरी मिलने पर नए वेतन ढांचे को लागू किया जाएगा। इसलिए 8वें वेन आयोग में अगर फिटमेंट फैक्टर 2.0 भी रखा जाता है, तो बेसिक सैलरी में बड़ा बदलाव हो सकता है, लेकिन कुल सैलरी डबल होना जरूरी नहीं है। अंतिम बढ़ोतरी फिटमेंट फैक्टर के साथ DA, HRA और अन्य भत्तों के नए नियमों पर निर्भर करेगी।
