पिता का सपना और मां के सपोर्ट से बेटी ने सपना किया पूरा, BPSC पास कर सोनाली सिंह बनी SDM
Udaipur Times, SDM Sonali Singh Success Story : पिछले दिनों ही Bihar Public Service Commission (BPSC) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा (CCE) का परिणाम जारी हुआ था। इस परीक्षा में कानपुर की रहने वाली सोनाली सिंह ने शानदार सफलता हासिल करते हुए 52वीं रैंक प्राप्त की है। इस उपलब्धि के साथ अब वह उपजिलाधिकारी (SDM) बनेंगी।
इंजीनियर पिता का सपना, बेटी ने किया पूरा
सोनाली सिंह एक सामान्य परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता अभिषेक कुमार लोक निर्माण विभाग (PWD) में चीफ इंजीनियर रह चुके हैं, जबकि उनकी मां अल्का सिंह गृहिणी हैं। परिवार के अनुसार, बेटी को अधिकारी बनाने का सपना पिता ने देखा था, जिसे सोनाली ने अपनी मेहनत और लगन से साकार कर दिखाया।

मां ने पढ़ाई में निभाई अहम भूमिका
सोनाली की सफलता के पीछे उनकी मां अल्का सिंह की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही। उन्होंने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई पर हमेशा विशेष ध्यान दिया और स्कूल-कॉलेज से जुड़ी हर जानकारी से खुद को अपडेट रखा। परिवार का कहना है कि अल्का सिंह ने कभी भी बेटी पर घर के कामों का दबाव नहीं डाला और हमेशा उसे अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
2023 से कर रही थीं सिविल सेवा की तैयारी
सोनाली वर्ष 2023 से सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रही थीं। उन्होंने लगातार मेहनत, सही रणनीति और अनुशासन के दम पर यह सफलता हासिल की।
सोशल मीडिया का सही इस्तेमाल जरूरी
एक मीडिया इंटरव्यू में सोनाली ने बताया कि उनकी तैयारी में सोशल मीडिया ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका मानना है कि BPSC और UPSC जैसे प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों को सोशल मीडिया से पूरी तरह दूर नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसका समझदारी से इस्तेमाल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज के दौर में काफी शैक्षणिक सामग्री और जरूरी जानकारी इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है, जिसका सही उपयोग कर कम समय में अधिक जानकारी हासिल की जा सकती है।
एक सोर्स पर भरोसा करें, तनाव से बचें
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को सलाह देते हुए सोनाली ने कहा कि किसी भी विषय के लिए एक भरोसेमंद स्रोत चुनना चाहिए और बार-बार किताबें बदलने से बचना चाहिए। उन्होंने अभ्यर्थियों को मानसिक तनाव से दूर रहने की सलाह देते हुए कहा कि "हेल्थ इज वेल्थ"। अगर कोचिंग से मदद मिल रही है तो उसे जरूर लें, लेकिन परीक्षा पास करने के लिए कोचिंग ही एकमात्र रास्ता नहीं है।
माता-पिता को दिया सफलता का श्रेय
सोनाली सिंह ने अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपने माता-पिता को दिया है। उनका कहना है कि परिवार के सहयोग और विश्वास ने उन्हें हर मुश्किल दौर में आगे बढ़ने की ताकत दी।
आज सोनाली की सफलता न केवल उनके परिवार के लिए गर्व का विषय है, बल्कि उन हजारों युवाओं के लिए भी प्रेरणा है, जो सिविल सेवा में जाकर देश की सेवा करने का सपना देख रहे हैं।
