प्री-मैरीज परामर्श केन्द्रों की सिफारिश करेगा महिला आयोग – ममता शर्मा
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ममता शर्मा ने कहा कि वैचारिक तालमेल के बिना टूट रहे परिवारों की समस्या के निराकरण की दिशा में भावी दम्पतियों के लिए प्री मेरीज परामर्श केन्द्रों की स्थापना के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग सरकार से सिफारिश करेगा। श्रीमती शर्मा बुधवार को उदयपुर में आसरा विकास संस्थान की और से […]

राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ममता शर्मा ने कहा कि वैचारिक तालमेल के बिना टूट रहे परिवारों की समस्या के निराकरण की दिशा में भावी दम्पतियों के लिए प्री मेरीज परामर्श केन्द्रों की स्थापना के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग सरकार से सिफारिश करेगा।
श्रीमती शर्मा बुधवार को उदयपुर में आसरा विकास संस्थान की और से स्थापित परिवार परामर्श केन्द्र के उदघाटन अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित कर रही थीं।
उन्होंने कहा कि शैक्षिक विकास के साथ-साथ महिलाजन को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिल रहे हैं, इसके बावजूद आज भी यह तबका समाज में असमानता के दंश से ग्रसित है। आज शिक्षा के साथ-साथ महिला अधिकार एवं उन्हें बराबर का दर्जा दिये जाने की व्यवस्था को व्यवहारिक तौर पर लागू करने की महती आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि पढ़े-लिखे समाज में आज कन्या भ्रूण हत्या, दहेज प्रताड़ना, डायन कुप्रथा, बालविवाह व महिला-ज्यादती की घटनाए प्रश्नचिन्ह लगाती है, हमे इस कलंक से निपटने के लिए सामूहिक चिन्तन करने की जरूरत है। समाज के प्रबुद्ध तबके को कुरीतियों को मिटाने के संकल्प के साथ आगे आना होगा।
शर्मा ने कहा कि सामाजिक न्याय व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए पुलिस, पॉलिटिक्स एवं प्रेस को इमानदारी एवं जागरूक होकर अपने दायित्व निभाने होंगे। उन्होंने ज्यादती की शिकार महिलाओें से पूछताछ एवं पुलिस के व्यवहार को संतुलित करने की वकालत की और कहा कि पुलिस के प्रति विश्वास कायम हो, इसके लिये समाज के प्रति पुलिस को अधिक संवेदनशील बनना होगा।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को आत्मरक्षा के लिए प्रेरित करने के लिए पुलिस की और से आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किये जाने चाहिये।
उन्होंने कहा कि आयोग महिला अधिकारों एवं उनकी रक्षार्थ बनाये कानून पर आधारित प्रकाशन भी जारी करेगा जो समाज में जागरूकता लाने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने राजसमन्द में भी महिला परामर्श केन्द्र खोलने के लिए सिफारिश करने का आश्वासन दिया। समारोह की अध्यक्षता करते हुए राजसमन्द विधायक किरण माहेश्वरी ने कहा कि महिलाओं को समाज में लाभ दिलाने के लिए जागरूक स्वंयसेवी संस्थाओं को पहल करनी होगी। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा पीडि़तजन को पूर्ण सहयोग न मिलने की शिकायतों को भी जागरूक जन अपने स्तर पर निगरानी कर निपटाने के प्रयास करें।
उन्होंने गरीबी के कारण समाज में बढ़ते जा रहे बाल विवाहों पर रोक लगाने के लिए ऐसे परिवारों की बेटियों को सक्षम वर्ग द्वारा गोद लेकर कन्यादान के पुनीत कार्य करने की पहल करने की जरूरत बतायी।
विशिष्ट अतिथि नगर परिषद सभापति महेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि आज पारिवारिक विघटन का कारण पाश्चात्यीकरण का अन्धानुकरण एवं सांस्कृतिक मूल्यों का हृास है। आज सामाजिक समरसता व परिवारों को एक रखने वाले मूल्यों की पुनर्स्थापना करने की जरूरत है।
शिक्षाविद एवं समाजसेवी डॉ. विजयलक्ष्मी चौहान ने कहा कि महिलाएं समानता का दर्जा लेकर भी चुनौतियों का सामना कर रही है, ऐसे में परिवार परामर्श केन्द्रों को ”परिवार बचाओ” का संदेश देते हुए परिवारों को पुन: जोड़ने की अनुकरणीय भूमिका निभानी होगी। आज समाज, परिवार में संवेदनशील रिश्तों को बांध रखने की जरूरत है और यही भारतीय समाज की व्यवस्था का आदर्श भी। उन्होंने परिवार परामर्श केन्द्र को अपनी नि:शुल्क सेवाए देने का आश्वासन दिया।
प्रो.एल.एन. दाधीच ने समर्पित समाज सेवा के लक्ष्य के साथ स्वंयसेवी संगठनों को आगे आने की जरूरत बतायी। आरंभ में संस्थान के अध्यक्ष भोजराज सिंह पदमपुरा ने केन्द्र के मार्फत समाज सेवा के हरसंभव प्रयासों का संकल्प जताया। समारोह में बड़ी संख्या में समाजसेवी, गणमान्य लोग एवं मीडिया प्रतिनिधि मौजूद थे। समारोह का संयोजन रागिनी पानेरी ने किया।