उदयपुर वन्य-जीव परिक्षेत्र में 32.52 करोड के कार्य प्रगति पर
वन्यजीव संरक्षण एवं जैव विविधता विकास की दृष्टि से उदयपुर के वन्यजीव परिक्षेत्र के विभिन्न अभ्यारण्यों में 32 करोड 52 लाख 45 हजार रुपये के कार्य प्रगति पर हैं । उपमुख्य वन्यजीव संरक्षक राहुल भटनागर ने जानकारी देते हुये बताया कि परिक्षेत्र में कुम्भलगढ राष्ट्रीय उद्यान की घोषणा के साथ भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा 5 करोड 94 लाख 45 हजार रुपये के 6 इको टूरिज्म डेस्टीनेशन साइट विकास के कार्य स्वीकृत किये गये जो प्रगति पर चल रहे हैं।
वन्यजीव संरक्षण एवं जैव विविधता विकास की दृष्टि से उदयपुर के वन्यजीव परिक्षेत्र के विभिन्न अभ्यारण्यों में 32 करोड 52 लाख 45 हजार रुपये के कार्य प्रगति पर हैं । उपमुख्य वन्यजीव संरक्षक राहुल भटनागर ने जानकारी देते हुये बताया कि परिक्षेत्र में कुम्भलगढ राष्ट्रीय उद्यान की घोषणा के साथ भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा 5 करोड 94 लाख 45 हजार रुपये के 6 इको टूरिज्म डेस्टीनेशन साइट विकास के कार्य स्वीकृत किये गये जो प्रगति पर चल रहे हैं।
उन्होंने बताया कि सज्जनगढ बॉयलोजीकल पार्क में 20 करोड रुपये के विकास के कार्य प्रगति पर हैं। उन्होंने बताया कि कुम्भलगढ से राणकपुर होते हुए जवाई डेम तक पर्यटन पथ विकास के 50 लाख रुपये के कार्य पूरे कर लिये गये हैं। झूमरबावडी से जयसमन्द अभ्यारण्य में इको टूरिज्म डेस्टीनेशन विकास के लिए पर्यटन मंत्रालय द्वारा स्वीकृत 76 लाख रुपये भी कराये जा रहे हैं।
श्री भटनागर ने बताया कि फुलवारी की नाल अभ्यारण्य पानरवा में इको टूरिज्म डेस्टीनेशन विकास के 32 लाख रुपये के कार्य कराये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पेंथर कंजरवेशन प्रोजेक्ट (पाली जिला ) के तहत स्वीकृत 5 करोड रुपये के कार्य भी प्रगति पर चल रहे हैं। उन्होंने बताया कि जैव विविधता संरक्षण के अन्तर्गत दिल्ली गोल्फ क्लब से लाकर 38 सांभर कुम्भलगढ अभ्यारण्य में छोडे गए हैं।
