मेवाड-वागड हाईकोर्ट बैंच की मांग को लेकर रहा काम ठप्प
उदयपुर में राजस्थान उच्च न्यायालय की खण्डपीठ की स्थापना की मांग को लेकर हर माह की सात तारीख की भांति आज भी अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्यवाहियों में भाग नहीं लिया तथा न्यायिक कार्यों का बहिष्कार किया गया। उक्त मांग के समर्थन में स्टाम्प वेडर्स, टाईपिस्टों ने भी अपना व्यवसाय बंद रखा।
उदयपुर में राजस्थान उच्च न्यायालय की खण्डपीठ की स्थापना की मांग को लेकर हर माह की सात तारीख की भांति आज भी अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्यवाहियों में भाग नहीं लिया तथा न्यायिक कार्यों का बहिष्कार किया गया। उक्त मांग के समर्थन में स्टाम्प वेडर्स, टाईपिस्टों ने भी अपना व्यवसाय बंद रखा।
अधिवक्ताओं ने न्यायालय परिसर में धरना दिया जिसमें मेवाड-वागड हाईकोर्ट बैंच संघर्ष समिति के संयाजेक रमेश नंदवाना, महासचिव शांतिलाल पामेचा, समन्वयक गोतम लाल सिरोया, जिला संयोजक सत्येन्द्रपाल सिंह छाबडा, बार एसोसिएशन के महासचिव भरत कुमार वैष्णव, सचिव अंकुर टांक, वित सचिव स्वाति रॉबर्ट, सहवृत सदस्य सत्येन्द्र सिंह सांखला, जिला संगठन मंत्री कैलाश भारद्वाज, पूर्व अध्यक्ष शम्भु सिंह राठौड, वरिष्ठ अधिवक्ता भंवर लाल गुप्ता ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि इस क्षेत्र की गरीब आदिवासी जनता को सस्ता, सुलभ व त्वरित न्याय व संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए उदयपुर में अविलम्ब राजस्थान उच्च न्यायालय की खण्डपीठ स्थापित करने की घोषणा केन्द्र व राज्य सरकार करे।
धरने में अधिवक्ता खुबीलाल सिंघवी, मोहम्मद शरीफ छिपा, चन्द्रकिरण शाकद्विपी, गणेश लाल डांगी, सुखराम डिडेल, सुभाष माण्डावत, सतीश श्रीमाली, अनिल त्रिपाठी, विजयलाल सुहालका, अमित दवे, देवदर्शन देवपुरा, रजनीश चित्तौडा, कमर हुसैन शेख, भरत नाथ योगी, भगवत सिंह सांखला, भूपेन्द्र सिंह चुण्डावत, गिरधारी लाल शर्मा, दिलीप कुमार सुथार, राजमल राव, असफाक चंचल, मोहम्मद असफाक खान, मोहम्मद ईमरान, जयराज सिंह चौहान, अभय जैन आदि अधिवक्ता उपस्थित थे।
यह जानकारी बार एसोसिएशन के महासचिव भरत कुमार वैष्णव एवं सचिव अंकुर टांक ने दी।