‘हमारा जल-हमारा जीवन’ विषयक कार्यशाला संपन्न
राष्ट्रीय जल सप्ताह के तहत केन्द्रीय जल संसाधन विभाग तथा केन्द्रीय नदी विकास और गंगा संरक्षण वित्त मंत्रालय के तत्वावधान में राज्य जल संसाधन विभाग द्वारा मंगलवार को एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन सूचना केन्द्र सभागार में किया गया।

राष्ट्रीय जल सप्ताह के तहत केन्द्रीय जल संसाधन विभाग तथा केन्द्रीय नदी विकास और गंगा संरक्षण वित्त मंत्रालय के तत्वावधान में राज्य जल संसाधन विभाग द्वारा मंगलवार को एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन सूचना केन्द्र सभागार में किया गया।
वाग्देवी सरस्वती की छवि के सम्मुख दीप प्रज्वलन से प्रारंभ इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अतिरिक्त जिला कलक्टर (शहर) छोगाराम देवासी ने वर्तमान प्रसंगों में जलसंकट की स्थितियों के बारे में बताया और जल संरक्षण के लिए केन्द्रीय स्तर से किए जा रहे प्रयासों को सराहनीय बताया। कार्यशाला के आरंभ में जलसंसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता राजेश टेपण ने संभागियों का स्वागत करते हुए कार्यशाला के विषय पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम सदस्य सचिव व अधिशासी अभियंता गोपालदाना ने जिले में जल की उपलब्धता, स्थिति की तथ्यात्मक जानकारी देते हुए जलप्रबंधन की आवश्यकता को उद्घाटित किया।
कार्यशाला में केन्द्रीय भूमिजल बोर्ड के वैज्ञानिक श्याम धाबाई ने भूमिजल बोर्ड के कार्यों और इसके माध्यम से भूमिजल के संरक्षण व संवर्धन के उपायों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने राजस्थान के दौसा, बांदीकुई और रामगढ़ जैसलमेर में स्काई टेम के तहत विद्युत चुंबकीय तरंगों के माध्यम से भूमिजलभ्रत आंकड़ों के अध्ययन के प्रयोग की जानकारी देते हुए बताया कि यदि यह प्रयोग सफल रहा तो इस विधि को अन्य जगहों पर लागू किया जाएगा।
कार्यशाला में मौजूद अतिथियों द्वारा जिले की जल प्रोफाईल पर आधारित एक फोल्डर का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विभागीय प्रतिनिधि, ग्रामीणजन और जल उपयोक्ता संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यशाला का संचालन माला कुन्दरा ने किया।
कई विभागों का रहा प्रतिनिधित्व:
कार्यशाला में जल संसाधन के अधिशासी अभियंता हेमन्त वनडिया के साथ ही भूजल विभाग के पी.सी.सामर, पीएचईडी के दुर्गेश गौड़, कृषि विभाग के डॉ. रवीन्द्र वर्मा, वन विभाग के फतेहसिंह राठौड़ और अन्य विभागीय प्रतिनिधियों ने वाताएं प्रस्तुत की।
जलग्राम का हुआ चयन:
कार्यशाला में पंचायत समिति गोगुन्दा की ग्राम पंचायत मोरवल का जलग्राम के रूप में चयन किया गया। अधिशासी अभियंता गोपालदाना ने बताया कि 924 जनसंख्या वाले इस गांव में कोई भी सतही जल स्कीम नहीं है तथा डार्क जोन में सम्मिलित होने के साथ ही 22 हेण्डपंप हैं जिसमें से 6 सूखे हैं।