'जनजाति युवा एवं बैंकिंग व्यवहार' पर कार्यशाला
आज टी.आर.आई में "जनजाति युवा एवं बैंकिंग व्यवहार की जागरूकता" विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, इस कार्यशाला के तीनो सत्रों में बैंक प्रबंधकों ने अपने उदबोधन प्रस्तुत किए।

आज टी.आर.आई में “जनजाति युवा एवं बैंकिंग व्यवहार की जागरूकता” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, इस कार्यशाला के तीनो सत्रों में बैंक प्रबंधकों ने अपने उदबोधन प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम की संयोजक रेनू जटवा ने बताया कि जब से योजना के माध्यम से देश के विकाश का निर्णय लिया गया है तभी से नियोजको का ध्यान जनजाति विकास की तरफ आकर्षित हुआ हैं। इस कार्यशाला का उद्देश्य भी जनजाति छात्र – छात्राओं को बैंकिंग व्यवहार से जोड़ना तथा इसके प्रति जागरूकता लाना है।
जटवा ने बताया कि कार्यशाला के मुख्य अतिथि सुबोध अग्रवाल, विशिष्ट अतिथि आई.वि त्रिवेदी थे। अग्रवाल ने कार्यशाला में उपस्थित विद्यार्थियों को बताया कि रुपए का मतलब विशवास होता हैं जो हमे गर्वनर देता है।
इस कार्यशाला में आए विद्यार्थियों को बैंकिंग व्यवहार समझाने के लिए मेवाड़ आंचलिक शाखा प्रबन्धक नरेन्द्र जोशी, पि एन बी से एम .एम परमार तथा पेनल विशेषज्ञ इंदु केशवानी उपस्थित थे।
कार्यक्रम का आयोजन माणिक्यलाल वर्मा आदिम जाति शोध एंव प्रशिक्षण संस्थान तथा बैंकिंग एंव व्यवसायिक अर्थशास्त्र विभाग, मोहनलाल सुखाडिया विश्वविद्यालय द्वारा संयुक्त रूप से किया गया था।
