आपका भी नया घर होगा सिर्फ 5 लाख में तैयार ! बस अपनानी होगी ये छोटी-सी ट्रिक

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आपका भी नया घर होगा सिर्फ 5 लाख में तैयार ! बस अपनानी होगी ये छोटी-सी ट्रिक 

Udaipur Times, The house will be ready for ₹5 lakh : अपना घर बनाना हर किसी का सपना होता है। भले अपने सपनों के आशियाने से किसको प्यार ना होगा? लेकिन आज के दौर में बढ़ती महंगाई के कारण बहुत लोग अपने इस सपने को पूरा नहीं कर पाते हैं। इस लेख के माध्यम से आज हम आपको बतायेंगे कि कैसे 5 लाख रुपये की रकम में आप एक मंजिला घर तैयार कर सकते हैं। इसके लिए  पहली ईंट रखने से पहले ही आपको हर रुपये का हिसाब रखना होगा। 

बजट का लगभग 56% घर के ढांचे यानी नींव, दीवारों और छत के लिए रखना

आपके बजट का लगभग 56% (लगभग 2.8 लाख रुपये) घर के ढांचे यानी नींव, दीवारों और छत के लिए रखना होता है। भारत में घर निर्माण की योजना बनाने का तरीका समझने से आप अधिक खर्च करने से बच सकते हैं। फर्श, पेंट और बुनियादी फिटिंग सहित अंतिम रूप देने के लिए लगभग 29% (1.45 लाख रुपये) खर्च होना चाहिए। बाकी धनराशि उपयोगिताओं (7%) और परिवहन और उपकरणों के लिए एक महत्वपूर्ण आकस्मिक निधि (8%) में विभाजित होती है।

सीमेंट, सरिया, ईंट पर हो जाता है मोटा खर्च  

घर बनवाने में सीमेंट, सरिया से लेकर ईंट-रेत जैसे बिल्डिंग मैटेरियल्स पर सबसे ज्यादा पैसा लगता है। 500 वर्ग फीट जगह पर फ्रेम स्ट्रक्चर हाउस तैयार कराना है, तो उसके लिए 10X10 के दो कमरे और एक आंगन के लिए औसत खर्च 1,500 रुपये प्रति स्क्वॉयर फीट के आसपास बैठता है। एक फ्लोर बनाने के लिए लगभग 7.50 लाख रुपये खर्च हो जाते हैं। ये खर्च हाउस कंस्ट्रक्शन में इस्तेमाल होने वाला सीमेंट, सरिया, ईंट पर बहुत खर्च जाता है।

लोड बेअरिंग स्ट्रक्चर में घर का पूरा भार दीवारें संभालती 

लोड बेअरिंग स्ट्रक्चर में घर का पूरा भार दीवारें संभालती हैं। इस वजह से बीम और कॉलम की जरूरत काफी कम हो जाती है। इससे सरिया, सीमेंट और अन्य निर्माण सामग्री पर होने वाला खर्च भी घट जाता है। एक मंजिला मकान के लिए यह तरीका बहुत सुरक्षित और किफायती माना जाता है।

सरिया पर होगी बड़ी बचत

फ्रेम-स्ट्रक्चर वाले घर में, कुल लागत का एक बड़ा हिस्सा स्टील रिइन्फोर्समेंट पर खर्च होता है। इसके विपरीत, लोड-बेयरिंग तकनीक का इस्तेमाल करने पर रीबार की ज़रूरत मुख्य रूप से छत के स्लैब और प्रोजेक्शन (छज्जों) तक ही सीमित रहती है। इससे निर्माण बजट में हज़ारों ही नहीं, बल्कि एक लाख रुपये तक की बचत हो सकती है।

फ्लाई ऐश ईंटों की बढ़ती लोकप्रियता

घर बनाने में फ्लाई ऐश ईंटों का इस्तेमाल तेज़ी से बढ़ रहा है। ये पारंपरिक ईंटों की तुलना में सस्ती होती हैं और इनकी सतह ज़्यादा चिकनी होती है। नतीजतन, अक्सर प्लास्टरिंग की ज़रूरत कम हो जाती है; पुट्टी और पेंट सीधे लगाए जा सकते हैं, जिससे लेबर और मटीरियल दोनों पर खर्च कम होता है।

सीमेंट की कम खपत

विशेषज्ञों का मानना ​​है कि लोड-बेयरिंग डिज़ाइन अपनाने से सीमेंट की खपत में काफी कमी आती है। निर्माण के दौरान लगभग 50 बोरी सीमेंट बचाने से मौजूदा कीमतों पर हज़ारों रुपये की बचत हो सकती है। साथ ही, रेत की ज़रूरत भी कम होती है।

दरवाज़ों और खिड़कियों पर बचत

महंगी लकड़ी के बजाय कंक्रीट के दरवाज़े के फ्रेम या टिकाऊ, कम कीमत वाली लकड़ी का इस्तेमाल करने से बजट को नियंत्रण में रखने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा, खास ज़रूरतों के हिसाब से डिज़ाइन बनवाने से अनावश्यक खर्चों से बचा जा सकता है।

बाथरूम और टॉयलेट को एक साथ बनाने के फायदे

बाथरूम और टॉयलेट को एक साथ डिज़ाइन करना निर्माण लागत कम करने का एक व्यावहारिक तरीका माना जाता है। इस तरीके से दीवारों, सीमेंट, रेत और जगह की बचत होती है। यह छोटे प्लॉट के लिए बहुत फायदेमंद विकल्प साबित हो सकता है।

अगर बजट सीमित है, तो महंगे पत्थर या मार्बल के बजाय सिरेमिक टाइल्स का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे मटीरियल और इंस्टॉलेशन, दोनों का खर्च कम होता है और साथ ही घर का लुक भी आकर्षक बना रहता है।

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