1 अक्तूबर से आपका राशन कार्ड भी हो सकता है बंद ! जल्दी करवा लें ये जरूरी काम, नए नियम लागू ?
Udaipur Times, Ration Card Update : झारखंड में राशन कार्ड धारकों के लिए जरूरी खबर है। जिन लाभार्थियों ने पिछले 6 महीने से जनवितरण प्रणाली (PDS) की दुकानों से अपने हिस्से का राशन नहीं उठाया है, उनके राशन कार्ड को 1 अक्टूबर से अस्थायी रूप से निष्क्रिय किया जा सकता है। ऐसे लाभार्थियों को फिलहाल साइलेंट कार्डधारी माना जा रहा है। अगर आप भी इस श्रेणी में आते हैं तो 21 सितंबर से पहले अपना राशन उठाना जरूरी होगा। तय समयसीमा के भीतर राशन उठाने पर कार्ड के सक्रिय बने रहने की संभावना है।
21 सितंबर तक राशन उठाना जरूरी
झारखंड में पिछले छह महीनों से राशन नहीं लेने वाले लाभार्थियों के लिए राशन उठाव की अंतिम तारीख 21 सितंबर तय की गई है। यानी जिन लोगों ने लंबे समय से पीडीएस दुकान से राशन नहीं लिया है, उन्हें इस तारीख तक अपने हिस्से का राशन उठा लेना चाहिए। अगर लाभार्थी 21 सितंबर तक राशन का उठाव कर लेते हैं तो उनका कार्ड सक्रिय रखने की प्रक्रिया में शामिल रहेगा। वहीं, जो लाभार्थी तय समयसीमा के भीतर राशन नहीं उठाएंगे, उनके कार्ड को 1 अक्टूबर से अस्थायी रूप से निष्क्रिय किया जा सकता है। ऐसे कार्डधारकों को इसके बाद राशन मिलने में परेशानी हो सकती है।
1 अक्टूबर से क्या होगा?
राज्य में साइलेंट राशन कार्डधारकों के कार्ड को 1 अक्टूबर से अस्थायी रूप से डिसेबल करने की तैयारी है। इसका मतलब यह नहीं है कि कार्ड हमेशा के लिए रद्द हो जाएगा, बल्कि फिलहाल इसे निष्क्रिय किया जाएगा। ऐसे लाभार्थियों को दोबारा कार्ड सक्रिय कराने के लिए निर्धारित प्रक्रिया पूरी करनी होगी। राज्य सरकार की ओर से इस संबंध में आम सूचना जारी किए जाने की तैयारी है, ताकि संबंधित लाभार्थियों को समय रहते इसकी जानकारी मिल सके। इसलिए अगर आपने लंबे समय से राशन नहीं लिया है तो अंतिम तारीख का इंतजार करने के बजाय जल्द ही पीडीएस दुकान पर जाकर अपने हिस्से का राशन उठाना बेहतर रहेगा।
किन राशन कार्ड धारकों पर लागू होगा नियम?
यह व्यवस्था मुख्य रूप से उन लाभार्थियों के लिए है, जिन्होंने पिछले छह महीनों में अपने पात्रता लाभ का इस्तेमाल नहीं किया है। यानी ऐसे राशन कार्ड जिनसे लगातार छह महीने तक राशन का उठाव नहीं हुआ है, उन्हें साइलेंट कार्ड की श्रेणी में रखा जा रहा है। खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के मुताबिक, जांच के दौरान ऐसे कई कार्ड सामने आए हैं जिनका इस्तेमाल राशन लेने के लिए नहीं किया जा रहा है। विभाग का कहना है कि कुछ लोगों ने राशन कार्ड का इस्तेमाल दूसरी सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए किया है, जबकि वे पीडीएस से राशन नहीं ले रहे हैं।
क्यों लिया गया राशन कार्ड निष्क्रिय करने का फैसला?
सरकार का उद्देश्य राशन कार्ड व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाना और वास्तविक पात्र लाभार्थियों तक योजना का लाभ पहुंचाना है। लंबे समय से राशन नहीं लेने वाले कार्डधारकों की पहचान करने से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि कौन लोग वास्तव में खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ ले रहे हैं और किन कार्डों का इस्तेमाल नहीं हो रहा है।सरकार ऐसे निष्क्रिय या अपात्र कार्डों की पहचान के जरिए राशन वितरण व्यवस्था को व्यवस्थित करना चाहती है। इससे भविष्य में पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ देने में आसानी हो सकती है।
केंद्र की अधिसूचना के आधार पर हो रही प्रक्रिया
राशन कार्ड को अस्थायी रूप से निष्क्रिय करने की यह प्रक्रिया केंद्र सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों से जुड़ी है। केंद्रीय स्तर पर जारी अधिसूचना में उन लाभार्थियों के राशन कार्ड की समीक्षा करने की व्यवस्था बताई गई है, जिन्होंने पिछले छह महीनों में अपने पात्रता लाभ का इस्तेमाल नहीं किया है। इसके तहत राज्यों को ऐसे कार्डों की पहचान करने और आगे उनकी पात्रता की जांच करने की प्रक्रिया पूरी करनी है। इसके बाद फील्ड वेरिफिकेशन और ई-केवाईसी के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाना है कि राशन कार्ड सही और पात्र व्यक्ति के नाम पर है।
कार्ड बंद होने के बाद क्या हो पाएगा एक्टिव?
अगर किसी लाभार्थी का कार्ड 1 अक्टूबर से अस्थायी रूप से निष्क्रिय हो जाता है, तो उसे दोबारा सक्रिय कराने के लिए ई-केवाईसी और निर्धारित सत्यापन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके लिए 1 अक्टूबर 2026 से 1 जनवरी 2027 तक तीन महीने की अवधि निर्धारित किए जाने की बात कही गई है।
इस अवधि में लाभार्थियों को फील्ड सत्यापन के माध्यम से अपनी ई-केवाईसी पूरी करानी होगी। सत्यापन के बाद पात्रता के आधार पर राशन कार्ड को दोबारा सक्रिय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है।
ई-केवाईसी नहीं कराई तो उठाना पड़ सकता है जोखिम
निष्क्रिय कार्ड को दोबारा सक्रिय कराने के लिए निर्धारित समय में ई-केवाईसी कराना महत्वपूर्ण होगा। अगर लाभार्थी तय अवधि में आवश्यक सत्यापन और ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी नहीं करता है, तो कार्ड आगे भी निष्क्रिय रह सकता है। ऐसी स्थिति में संबंधित लाभार्थी को पीडीएस के तहत मिलने वाले राशन का लाभ नहीं मिल पाएगा। इसलिए जिन लोगों का कार्ड साइलेंट श्रेणी में आ सकता है, उनके लिए 21 सितंबर से पहले राशन उठाना और आगे की प्रक्रिया पर नजर रखना जरूरी है।
अगर पिछले 6 माह का राशन है बकाया तो क्या करें लाभार्थी?
अगर आपने पिछले छह महीने से राशन नहीं लिया है, तो सबसे पहले अपनी पीडीएस दुकान पर जाकर जानकारी लें। अगर आप साइलेंट कार्डधारी की श्रेणी में आते हैं तो 21 सितंबर तक अपना पात्र राशन उठा लें। इसके साथ ही राशन कार्ड में दर्ज सदस्यों की जानकारी और ई-केवाईसी की स्थिति भी जांच लेना बेहतर रहेगा। हालांकि, कार्ड को निष्क्रिय करने और दोबारा सक्रिय करने से जुड़ी अंतिम प्रक्रिया राज्य सरकार की ओर से जारी आधिकारिक सूचना और लागू दिशा-निर्देशों के अनुसार होगी। इसलिए लाभार्थियों को स्थानीय स्तर पर जारी होने वाली सूचना पर भी ध्यान देना चाहिए।
राशन कार्ड धारकों के लिए जरूरी तारीखें
21 सितंबर 2026: पिछले छह महीने से राशन नहीं लेने वाले लाभार्थियों के लिए राशन उठाव की अंतिम तारीख।
1 अक्टूबर 2026: तय समय तक राशन नहीं लेने वाले साइलेंट कार्डों को अस्थायी रूप से निष्क्रिय किए जाने की प्रस्तावित तारीख।
1 अक्टूबर 2026 से 1 जनवरी 2027: निष्क्रिय कार्ड को दोबारा सक्रिय कराने के लिए ई-केवाईसी और सत्यापन की प्रस्तावित अवधि। ऐसे में अगर आपका राशन कार्ड पिछले छह महीने से इस्तेमाल नहीं हुआ है, तो 21 सितंबर से पहले राशन उठाना सबसे जरूरी है। इससे कार्ड को निष्क्रिय किए जाने की स्थिति से बचने में मदद मिल सकती है और आगे राशन लेने में परेशानी की संभावना भी कम होगी।