उदयपुर के देवास क्षेत्र के गांवों में शत-प्रतिशत आयुष्मान कार्ड बने
Udaipur Times, Udaipur Local News: 5 जून 2026। ग्रामीण क्षेत्रों में केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना के प्रति बढ़ती जागरूकता और जनप्रतिनिधियों की सक्रियता के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। संसदीय संकुल विकास परियोजना के अंतर्गत राणापूंजा संकुल देवास के अधिकांश गांवों में शत-प्रतिशत आयुष्मान कार्ड बन चुके हैं, जो ग्रामीणों में स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति बढ़ी समझ और जागरूकता का परिचायक है। इससे पूर्व सलूम्बर स्थित संकुल में भी आयुष्मान कार्ड निर्माण का शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया जा चुका है।
सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने बताया कि तहसील झाड़ोल के गोराणा गांव में 99.58 प्रतिशत, तलाई में 100 प्रतिशत, ढढावली में 98.25 प्रतिशत, मूंडावली में 100 प्रतिशत, आकोदड़ा में 100 प्रतिशत, नांदवेल में 100 प्रतिशत तथा देवास में 100 प्रतिशत ग्रामीणों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। इसी प्रकार तहसील गिर्वा के डोडावली, मादड़ी एवं बच्छार गांवों में भी 100 प्रतिशत पात्र ग्रामीणों के आयुष्मान कार्ड बन गए हैं।
डॉ. रावत ने बताया कि जिन कुछ ग्रामीणों के आयुष्मान कार्ड अभी नहीं बन पाए हैं, उनका मुख्य कारण ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूर्ण नहीं होना है। यह प्रक्रिया शीघ्र पूरी होने के बाद शेष पात्र लाभार्थियों के कार्ड भी बन जाएंगे।
उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना देश की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सुरक्षा योजनाओं में से एक है, जिसके माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में जनजागरूकता अभियानों, जनप्रतिनिधियों के सतत प्रयासों तथा प्रशासन के सहयोग से योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का कार्य सफलतापूर्वक किया जा रहा है।
ग्रामीणों में योजना के प्रति बढ़ते विश्वास और सहभागिता के कारण आयुष्मान कार्ड निर्माण में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल हुई हैं। यह उपलब्धि न केवल स्वास्थ्य सुरक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि विकसित और स्वस्थ ग्रामीण भारत के निर्माण की दिशा में भी एक प्रेरणादायक उदाहरण है।
