Udaipur Times, Banswara News: उदयपुर संभाग के बांसवाड़ा जिले में सिंचाई और किसानों को कृषि कार्यों के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध कराने की दिशा में कसारवाड़ी सौर सिंचाई परियोजना महत्वपूर्ण साबित होगी। इस परियोजना के माध्यम से 525 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। इससे क्षेत्र के किसानों को खेती के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिलेगी तथा कृषि उत्पादन को प्रोत्साहन मिलेगा। Kasarwadi Anicut
परियोजना के माध्यम से निर्धारित क्षेत्र में सिंचाई सुविधा विकसित होने से किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए जल उपलब्धता का लाभ मिल सकेगा। इससे वर्षा पर निर्भरता कम होने और कृषि कार्यों को अधिक व्यवस्थित ढंग से संचालित करने में सहायता मिलेगी। सिंचाई सुविधा के विस्तार से क्षेत्र में कृषि गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ किसानों की उत्पादकता में सुधार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। Banswara News
बांसवाड़ा जिले में कृषि ग्रामीण अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार है। ऐसे में सिंचाई परियोजनाओं का विकास किसानों के लिए महत्वपूर्ण है। कसारवाड़ी सौर सिंचाई परियोजना के माध्यम से 525 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा मिलने से संबंधित क्षेत्र के कृषि विकास को गति मिल सकेगी।
परियोजना के पूर्ण होने और सिंचाई सुविधा उपलब्ध होने से किसानों को खेती में सहयोग मिलेगा। इससे कृषि क्षेत्र में जल संसाधनों के बेहतर उपयोग तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में भी मदद मिलेगी।
जिले के कुशलगढ़ विधानसभा क्षेत्र की सज्जनगढ़ तहसील में अनास नदी पर कसारवाडी एनीकट एवं सौर आधारित सूक्ष्म सिंचाई परियोजना का कार्य किया जा रहा है।
परियोजना के तहत 67.10 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाकर फव्वारा पद्धति से पानी खेतों तक पहुंचाया जाएगा। इसके लिए इंटेक का निर्माण कर 500 एचपी के मोटर पंप लगाए गए हैं। इनके माध्यम से लगभग 130 मीटर हेड तक पानी लिफ्ट कर 525 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
परियोजना के तहत अनास नदी पर 4 मीटर ऊंचाई एवं 310 मीटर लंबाई का कसारवाडी एनीकट बनाया गया है, जिसमें 56.39 एमसीएफटी जल संग्रहित होगा। एनीकट में संग्रहित जल का उपयोग पशुओं के पेयजल के साथ-साथ भू-जल स्तर में वृद्धि के लिए भी किया जा सकेगा।
परियोजना की कुल लागत 3598.32 लाख रुपये है। इससे कुशलगढ़ विधानसभा क्षेत्र के कसारवाडी, काचला, कोई दोबन एवं मुनियाखूटा सहित कुल 4 गांवों के लगभग 2850 किसान लाभान्वित होंगे। परियोजना से 525 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलने से आदिवासी बहुल क्षेत्र के किसानों को लाभ मिलेगा।
परियोजना के अंतर्गत बिजली की खपत कम करने के उद्देश्य से 700 किलोवाट का सोलर प्लांट भी स्थापित किया गया है। इससे किसानों एवं सरकार पर अतिरिक्त विद्युत भार नहीं बढ़ेगा। वर्तमान में खेतों में फसल होने के कारण परियोजना का कमिशनिंग कार्य शेष है, जिसे आगामी माह से प्रारंभ कर शीघ्र पूरा किया जाएगा।