अपनों से सौतेलेपन का शिकार हुई 80 वर्ष की वृद्धा

भटकती हुई पहुची बेदला गाँव बडगांव उपप्रधान ने अथक प्रयास कर पहुँचाया शेल्टर होम

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old age

बुजुर्ग महिला करीब 20 वर्ष पूर्व महाराणा प्रताप कृषि एव प्रोधोगिकी विश्विद्यालय से चतुर्थ श्रेणि कर्मचारी के पद से रिटायर्ड हुई

अपनो द्वारा दी गयी यातनाओं से परेशान 80 साल की एक वृद्ध महिला पिछले डेढ़ साल से दर दर की ठोकरे खाने को मजबूर है। आंखों में अपनो द्वारा दिए गए दर्द को लेकर ये महिला चार दिन पहले जब शहर के समीपवर्ती बेदला खुर्द गाँव के शक्ति सिंह चौहान के घर पहुँची तो सब लोग इसकी दास्तान सुनकर दंग रह गए। 80 साल की इस बुजुर्ग महिला का नाम कृष्णा कुंवर चौहान हैजो करीब 20 वर्ष पूर्व महाराणा प्रताप कृषि एव प्रोधोगिकी विश्विद्यालय से चतुर्थ श्रेणि कर्मचारी के पद से रिटायर्ड हुई है। अपनो द्वारा दी गयी यातनाओं ने इस महिला की दिमागी हालत को खराब कर दिया है। यही नही इस महिला के पास एक थैला और कुछ कपड़ो के साथ आईसीआईसी बैंक की पासबुक है। 

यह महिला कुछ समय पूर्व आमेट से अपनी मुँहबोली बेटी और दामाद द्वारा बेघर करने के बाद उदयपुर में अपने परिचितों के घर भटक रही है। यह महिला जब शक्ति सिंह चौहान के घर पहुची तो सारी कहानी उसने अपने जुबा से सुनाई। दरअसल शक्ति के पिता स्वर्गीय किशन सिंह चौहान एमपीयूएटी विश्वविद्यालय में असिस्टेंट एग्रीकल्चर ऑफिसर के पद पर थेतब ये महिला उनके साथ काम करती थी।  कामकाज के दौरान यह महिला करीब 25 वर्ष पूर्व एक पारिवारिक समारोह में शक्ति सिंह के घर आई थीजो इसे याद रह गया और भटकते हुए यहाँ पहुच गयी। 

महिला के पास एक आईसीआईसीआई बैंक की पास बुक है,जिसमे शेष राशि 2200 रुपये बची हुई है।  पीड़ित महिला का खाता बैंक की बापू बाजार में स्थित ब्रांच में है। इस खाते में महिला ने चांदपोल निवासी गगन कुमावत को अपने साथ खाता धारक बना रखा है। जब शक्ति सिंह एव उसके परिवार के सदस्यों ने जब गगन कुमावत से इस महिला को लेकर जानकारी जुटानी चाही तो कुमावत ने 1 साल से इस महिला से कोई सम्पर्क नही होने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ दिया। डरी-सहमी महिला कृष्णा कुंवर ने इन चार दिन के दौरान अपनी मुँहबोली बेटी और उसके पति रामसिंह को लेकर काफी बाते बताई।

महिला से बातचीत में सामने आया कि उसकी मुँहबोली बेटी का पति शराब पीकर उसे डराता धमकाता था। यही नही उसके पैसे और जेवर भी उन लोगो ने अपने पास रख लिए। बुधवार को बड़गाँव उपप्रधान प्रताप सिंह राठौड़ और शक्ति सिंह का परिवार कॉउंसलिंग के लिए इस महिला को लेकर भुवाणा स्थित सखी सेंटर पर लेकर पहुँचे। इस दौरान भी इस महिला ने डरते-सहमते हुए अपने मुँहबोली बेटी के यहां जाने से साफ साफ मना कर दिया। महिला को सखी केंद्र पर छोड़ते समय शक्ति सिंह और उसकी पत्नी विष्णु कुंवर के आंखों में आंसू छलक आये ।

बडगांव उपप्रधान राठौड़ ने निभाई नैतिकता

शक्ति सिंह के परिवार में जब यह महिला 4 दिन रही तो इसकी आपबीती सुनकर शक्ति सिंह ने इसकी जानकारी बड़गाँव उपप्रधान प्रताप सिंह राठौड़ साझा की। इस पर राठौड़ ने विधिक सेवा प्राधिकरण के संतोष मेनारिया से बातचीत कर सखी सेंटर पर कॉउंसलिंग के लिए इस महिला को खुद साथ जाकर पहुँचाया।  राठौड़ ने इस महिला के इस तरह का दुर्व्यवहार करने वाले लोगो के खिलाफ प्रशासन से कड़ी कार्यवाही की मांग की है। 

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