Angry villagers locked the officers in the office

नाराज ग्रामीणों ने अधिकारीयों को किया कार्यालय में बंद

नाराज ग्रामीणों ने अधिकारीयों को किया कार्यालय में बंद

तीन महीने से नहीं मिल रहा था पीने का पानी

 
officer arrest

मांग पूरा नहीं होने पर दी आमरण अनशन की चेतावनी  

उदयपुर 3 नवंबर 2022 । घर घर पीने का पानी पहुँचाने में खुद को सक्षम बताने का दावे भले ही सरकार द्वारा किये जा रहे है ,लेकिन बा-वजूद इसके आज भी कई गांव और ढानिया एसी है जहाँ लोगो को पीने के पानी के लिए महीनो-महीनो इन्तेजार करना पद रहा है,एसा ही एक मामला उदयपुर के सुभाग्पुरा क्षेत्र से सामने आया जहाँ पीने के पानी की समस्या से झूझ रहे ग्रामीणों ने आक्रोशित होकर अधिकारीयों को ही पंचायत कार्यालय में बंद कर दिया.

सुभाग्पुरा ग्राम पंचायत में नाराज ग्रामीणों ने पंचायत के कार्यालय पर ताला जड़ कर सचिव के साथ- साथ अन्य अधिकारीयों और कर्मचारियों को बंद कर दिया.

जानकारी के अनुसार ग्रामीण पिछले लंबे समय से पिने का पानी नहीं मिलने से परेशान चल रहे थे जिसके चलते उन्होंने अधिकारयों ,कर्मचारियों को अन्दरबंद कर कार्यालय पर ताला जड़ दिया.इस मौके पर सरपंच,उप सरपंच और क्षेत्र की महिलायों ने जम कर नारे बाजी की,विरोध प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर जलदाय विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे,जिसपर नाराज ग्रामीणों ने अधिकारीयों को अपनी परेशानी सुनाई और उसका जल्द निस्तारण करने की मांग की.

सोभागपुरा के उप-सरपंच भूपेंद्र श्रीमाली ने बताया की गुरुवार को होने वाली जन सुनवाई में ग्रामीण इकठ्ठा हुए थे लेकिन जल दाय विभाग से कोई भी अधिकारी इस जन सुनवाई में नहीं पहुंचा.,जब विभाग में फोन किया गया तो वहां से जे.ई.एन मेडम आई लेकिन जब उनसे पिने के पानी की समस्या को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कोई संतुष्टिजनक जवाब नहीं दिया.भूपेंद्र का कहना है की लगातार पिछले 3 महीनों से पानी की समस्या से अधिकारीयों को अवगत कराया जा रहा था इसके बावजूद भी जब कोई संतुष्टिजनक जवाब नहीं मिला तो उन्होंने पंचायत के कार्यालय में बंद करना पड़ा ताकि उनसे उपर का कोई अधिकारी यहाँ आए जिसके समक्ष समस्या को रखा जा सके.

उन्होंने सवाल किया की क्या ग्रामीणों द्वारा बिल नहीं जमा कराया जा रहा ? क्या मोटर लगा कर पानी की चोरी की जा रही है ? या फिर कोई और गलती की जा रही है अगर नहीं तो फिर क्यों ग्रामीणों के साथ एसा  अन्याय किया जा रहा है अगर पानी नहीं मिलेगा तो आम जनता कहाँ जाएगी.

उन्होंने कहा की आज अधिकारीयों को समस्यां बताई गई हैजिनपर उन्होंने आश्वस्त किया है की आने वाले 3 दिनों में पिने के पानी की समस्या का निस्तारण कर दिया जाएगा साथ ही आने वाले 7 दिनों मएनी कोई भी समस्या होगी उसका भी निस्तारण कर दिया जाएगा.भूपेंद्र ने कहा की अगर एसा नहीं किया जाएगा तो 7 दिनों के बाद विभाग के सहेलियों की बड़ी पर मौजूद कार्यालय के बहार सभी ग्रामीण आमरण अनशन पर बेठेंगे जिसे जिमीदार विभाग के अधिकारी होंगे.

क्षेत्र की सरपंच जसोदा कुमारी ने भी कहा की पिने के पानी की समस्या क्षेत्र में पिछले 3 महीनो से बनी हुई है, यहाँ तक की इस समस्या के चलते दिवाली की स्ज्फई होने में भी लोगो को परेशानी का सामना करना पड़ा, कुछ दिन पूर्व भी कुछ ग्रामीण महिलाएं उनके घर के बहार इकठ्ठा हो गई और उनके घर से पानी ले जाने की बात पर अड़ गई. जनता काफी परेशान थी इसी लिए इस तरह का कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा.

गौरतलब है की अधिकारीयों से आश्वासन मिलने के बाद कार्यालय का ताला खोल दिया गया जिसके बाद इस्थिति सामान्य हो गई,लेकिन जनता अभी भी अधिकारीयों द्वारा दिए गए आश्वासन के पूरा होने के इन्तेजार में है.

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