भारत-पाक के बीच 1971 के लोंगेवाला युद्ध के नायक भैरोसिंह राठौड़ का निधन
अंतिम दर्शन के लिए पार्थिव देह बीएसएफ मुख्यालय भेजी
1971 में भारत-पाक के बीच में हुए लोंगेवाला युद्ध के नायक भैरोसिंह राठौड़ (79) का सोमवार को निधन हो गया। सोमवार दोपहर 1 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। अंतिम दर्शन के लिए पार्थिव देह बीएसएफ मुख्यालय भेजी गई। मंगवार सुबह 9 बजे पैतृक गांव सोलंकियातला में अंत्येष्टि होगी। पीएम नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, सीएम अशोक गहलोत ने शोक जताया हैं। शाह ने कहा- भैरो सिंह जी की वीरता पर हम सभी को हमेशा गर्व रहेगा।
भैरो सिंह के बेटे सवाई सिंह ने कहा, डॉक्टरों ने हमें बताया कि मेरे पिता को संभवत: मस्तिष्काघात हुआ है। पिछले कुछ दिनों में उनका आईसीयू में भी उपचार जारी था। सिंह परिवार जोधपुर से करीब 120 किलोमीटर दूर सोलंकियातला गांव में रहता है।
1971 में लड़े गए भारत-पाकिस्तान युद्ध में भैरों सिंह राठौर को लोंगेवाला नाम की चौकी पर तैनात किया गया था जहाँ वे एक छोटी यूनिट संभाल रहे थे और उनके साथ थी 23 पंजाब रेजिमेंट की कंपनी। यहां अपने शौर्य से 5 दिसंबर 1971 को भैरों सिंह और उनकी टुकड़ी ने पाकिस्तान की बिग्रेड और टैंक रेजिमेंट पर हमला करते हुए उन्हें समाप्त कर दिया था। उनके इस अदम्य साहस को देखते हुए सरकार ने उन्हें वर्ष 1972 में सेना पदक भी दिया। साल 1987 में भैरों सिंह राठौर बीएसफ से सेवनिवृत्त हुए थे।