हितेंद्र गरासिया का शव भारत पहुंचा, 7 फरवरी को होगा अंतिम संस्कार
6 महीने की मशक्कत के बाद परिवार को हितेंद्र का शव मिला
उदयपुर के स्वर्गीय हितेंद्र गरासिया का शव आज सुबह 10 बजे दिल्ली हवाई अड्डे पहुच गया। दिल्ली एअरपोर्ट पर हितेंद्र के घर वालों के साथ विदेश मंत्रालय के अधिकारी भी थे। दिल्ली में रूस से आए शव को उनके परिजनों को सौंपने के पहले कुछ घंटों तक कागज़ी कार्यवाही चलती रही और शाम को परिजन शव को लेकर खेरवाडा में हितेंद्र के पैतृक गाँव की और प्रस्थान कर गए। 7 फरवरी को पुरे रीति रिवाज़ के साथ स्वर्गीय हितेंद्र का अंतिम संस्कार कर दिया जाएगा। स्वर्गीय हितेंद्र का शव लेने के लिए खेरवाडा से उनकी पत्नी, पुत्र, चाचा और कांग्रेस नेता चर्मेश शर्मा गए थे।
पिछले 6 महीनों से हितेंद्र का परिवार उनके शव को भारत लौटने की जद्दो जहद कर रहा है। उनकी पत्नी और बच्चों ने विदेश मंत्रालय के ना जाने कितने चक्कर लगाए, और हाल ही में प्रियंका गाँधी ने परिवार से मिलने के बाद प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी को ख़त लिख कर इस मामले को जल्द ख़त्म करने की दरख्वास्त की।
रूस में 17 जुलाई 2020 को हितेंद्र की बिमारी के कारण मौत हो गयी थी। रूसी अधिकारीयों ने शव को भारत न भेज कर हाल ही में वहीँ दफना दिया था। परिवार की लगातार कोशिश के बाद विदेश मंत्रालय के पुनः हस्तक्षेप से शव अक भारत आना मुमकिन हुआ। परिवार की यही गुहार थी की उनका अंतिम संस्कार हिन्दू रीति रिजाज़ के साथ उनके गाँव में हो जाए।
