महिला की हत्या और लूटपाट के अभियुक्त को उम्रकैद

सेशन न्यायालय क्रम 4 की पीठासीन अधिकारी जयमाला पानीगर ने सजा सुनाई

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उदयपुर 14 सितंबर 2022 । महिला की हत्या कर उसका शव जंगलों में फेंकने और साक्ष्य मिटाने व चांदी की कड़ियां लूटने के मामले में अपर जिला एवं सेशन न्यायालय क्रम 4 की पीठासीन अधिकारी जयमाला पानीगर ने अभियुक्त को विभिन्न धाराओं में उम्रकैद की सजा सुनाई।

मायदा निवासी हीरालाल ने 22 अक्टूबर 2016 को खेरोदा थाने में रिपोर्ट दी थी कि वह मायदा माताजी के स्थान पर बैठा हुआ था, तभी सूचना मिली कि पालिया का छोड़ा कच्छेर से करमाल जाने वाले रास्ते पर एक औरत का शव पड़ा है। वह मौके पर पहुंचा, जहां देखा कि शव और किसी का नहीं बल्कि उसकी बहन जमना निवासी नाहरपुरा का है, जिसका गला कटा हुआ था। मौके पर जहर की दो शीशियां भी पड़ी थी और मृतका की चांदी की कड़ियां गायब थी। 

उसकी बहन की शादी करीब 10-12 साल पहले नाहरपुरा निवासी शांतिलाल से कराई थी। करीब एक माह पहले उसकी बहन का अपने पति से विवाद हो गया था, जिसकी रिपोर्ट भींडर थाने में दर्ज कराई थी। बाद में दोनोें का सामाजिक स्तर पर समझौता भी हो गया। जिस समय बहन का अपने पति से झगड़ा हुआ था तब उनका पड़ोसी भैरूलाल उसके जीजा शांतिलाल को मारने के लिए तलवार लेकर दौड़ा था। रिपोर्ट में इस हत्या को लेकर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया था।

पुलिस ने जांच शुरू की तो सामने आया कि महिला की हत्या कहीं और की गई है और शव को जंगल में लाकर फेंका गया है। पुलिस ने कड़ी से कड़ी जोड़कर आरोपी भैरूलाल उर्फ भैरू पुत्र जीवा मीणा निवासी नाहरपुरा को गिरफ्तार किया। 

मामले की सुनवाई के दौरान अपर लोक अभियोजक संदीप श्रीमाली ने 27 गवाह और 75 दस्तावेज पेश किए। दोनों पक्षों की बहस सुनने के उपरांत पीठासीन अधिकारी ने अभियुक्त भैरूलाल को भादंसं की धारा 302 में आजीवन कारावास व पांच हजार रुपए जुर्माना, 397 में सात साल कठोर कारावास व धारा 201 में सात वर्ष साधारण कारावास एवं पांच हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।

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