मण्णपुरम गोल्ड लूट में पुलिस के हाथ अब भी खाली लेकिन कम्पनी ने 6 कार्मिको को किया सस्पेंड

29 अगस्त को हुई थी मण्णपुरम गोल्ड फाइनेंस में 13 करोड़ के सोने की लूट

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Mannapuram Gold Heist Udaipur

उदयपुर के प्रतापनगर थाना क्षेत्र के सुंदरवास में 29 अगस्त को हुई डकैती के मामले में पुलिस के हाथ अब भी खाली है। इधर, 22 दिन बाद बैंक प्रशासन चेता और वारदात के दौरान मैनेजर पवन मीणा सहित ड्यूटी पर रहे 5 कार्मिकों को जिम्मेदार ठहराते हुए सस्पेंड किया है। 

पवन मीणा का कहना हैं कि सस्पेंड करने का ऑर्डर हैड ऑफिस से आया था जिसके बाद ये निर्णेय लिया गया, अगर हेड ऑफिस का ऑर्डर हैं तो उस पर कोई सवाल नही किया जा सकता वारदात के दूसरे दिन जांच के लिए पहुंचे बैंक ऑडिटर नितेश त्रिपाठी ने बताया कि लोकर की सभी दराजों को खोलने और उसमें रखा सामान समेटने में आधे से एक घंटा तक लग सकता है, लेकिन डकैतों ने महज 23 "मिनट में ही वारदात को अंजाम दे दिया। डकैतों ने यहां कुछ भी नहीं छोड़ा। जांच करने पर महज छह रुपए मौके पर मिले। 

आपको बता दे कि  सुंदरवास मैन रोड पर दरोली हाउस के पास संचालित मणप्पुरम गोल्ड लोन शाखा में 29 अगस्त को घुसे हथियारबंद 5 डकैतों ने वारदात को अंजाम दिया था। महज 23 मिनट के दरमियान ही 13 करोड़ का सोना ले गए थे। बाइक से आए आरोपी वारदात के बाद डबोक की तरफ भागे थे। इसके बाद से लगातार 24 घंटे तक हाइवे पर निगरानी रखी गई, लेकिन डकैत हाथ नहीं आए। 

सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच में सामने आया कि आरोपी कोटा से उदयपुर आए थे, वहीं वारदात में बिहार की गैंग का हाथ होने के संकेत मिले। ऐसे में उदयपुर से कई टीमें बाहर भेजी गई, जिसमें बिहार, दिल्ली, झारखंड, मध्यप्रदेश के साथ ही राजस्थान में कोटा पहुंची टीमें अब भी तलाश में जुटी हुई है।

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