गीतांजली मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल में हुआ "पिंक अक्टूबर" का आयोजन

ब्रेस्ट कैंसर सर्वाइवर मीट एंड अवेयरनेस प्रोग्राम

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pink october at gmch

उदयपुर 15 अक्टूबर 2022 । गीतांजली मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, गीतांजली कैंसर सेंटर द्वारा स्वर्गीय श्रीमती नर्मदा देवी अग्रवाल सभागार में "पिंक अक्टूबर" ब्रेस्ट कैंसर सर्वाइवर मीट एंड अवेयरनेस प्रोग्राम का आयोजन किया गया। 

इस कार्यक्रम ने उन रोगियों को समर्पित किया जिन्होंने स्तन कैंसर से लड़ाई लड़ी और उस पर विजय भी हासिल की और स्तन कैंसर के बारे में जनता में जागरूकता पैदा की।  

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डीन डॉ डी.सी कुमावत, सी.ई.ओ प्रतीम तंबोली रहे। मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ अंकित अग्रवाल, डॉ रेणु मिश्रा, सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट आशीष जखेटिया और डॉ अजय यादव, रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट ए.आर. गुप्ता (एच.ओ.डी), डॉ. रमेश पुरोहित, डॉ. किरण चिगुरुपल्ली, अन्य विभागों के डॉक्टर्स, एच.ओ.डी व गीतांजली इंस्टिट्यूट ऑफ़ फार्मेसी, गीतांजली डेंटल रिसर्च इंस्टिट्यूट, गीतांजली नर्सिंग कॉलेज के विद्यार्थी उपस्थित रहे। 

सी.ई.ओ श्री प्रतीम प्रतीम तंबोली द्वारा डब्लूएचओ की थीम “क्लोज द केयर गैप” से उपस्थित श्रोताओं को अवगत  कराया गया। उन्होंने स्तन कैंसर से जागरूकता ही बचाव के महत्त्व को भी समझाया। 

डॉ आशीष जखेटिया द्वारा “स्वयं स्तन जागरूकता और स्तन कैंसर की जांच” पर व्याख्यान प्रस्तुत किया गया। महिलाओं द्वारा स्वयं स्तन की जांच पर ज़ोर दिया और साथ ही जागरूकता को सही दिशा में पहला कदम बताया। 

डॉ रमेश पुरोहित द्वारा “आधुनिक युग में स्क्रीनिंग मैमोग्राफी की भूमिका” पर प्रस्तुतीकरण किया गया। उन्होंने उपस्थित श्रोताओं को ममोग्राम मशीन से अवगत करवया और साथ ही समझाया कि इस मशीन का प्रयोग स्तन कैंसर की जांच में किस तरह किया जाता है। 

कार्यक्रम के दौरान कैंसर सर्वाइवर्स ने भी अपने दिल से निकले भावों को साझा किया

50 वर्षीय भीलवाड़ा निवासी सरिता (परिवार्तित नाम) सरकारी स्कूल में कार्यरत अध्यापिका स्तन कैंसर सर्वाइवर है उन्होंने पहले अपने डॉक्टर पर विश्वास करने के बारे में बहुत उत्साह से उल्लेख किया, क्योंकि उनके अनुसार हमने भगवान को नहीं देखा है लेकिन डॉक्टर हमारे लिए भगवान हैं।

उदयपुर की 55 वर्षीय लता (परिवर्तित नाम) ने स्तन कैंसर पर जीत हासिल की, सभी विशेषज्ञों को धन्यवाद दिया और उपस्थित लोगों से कहा कि गीतांजलि के सभी डॉक्टरों ने उनका बहुत समर्थन किया। चाहे दिन हो या रात डॉक्टरों ने हमेशा उसकी समस्याओं को सुना और बहुत अच्छा निदान किया।

श्रीमती दुर्गा (बदला हुआ नाम) 60 वर्षीय, ने अपने स्तन कैंसर की लड़ाई को साझा करते हुए कहा कि डॉक्टरों ने उसका आत्मविश्वास बढ़ाया कि इतनी गंभीर बीमारी में भी वह निराशा की स्थिति में नहीं थी और आज वह पूरी तरह से ठीक है और अपनी दैनिक दिनचर्या की गतिविधियाँ कर रही है।

कार्यक्रम के अंतर्गत आये हुए सभी कैंसर सर्वाइवर्स को सम्मानित किया गया। कायर्क्रम के अंत में डॉ रेणु मिश्रा द्वारा वोट ऑफ़ थैंक्स दिया गया। कार्यक्रम की एंकरिंग ममता पुरोहित द्वारा की गयी।  

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