महोत्सव के लिए तैयार है शिल्पग्राम, आज पहुंचे 315 पर्यटक
10 दिन के उत्सव में होंगे विभिन्न कार्यक्रम
उदयपुर में शिल्पग्राम के 10 दिवसीय महोत्सव का आगाज कल से यानी 21 दिसंबर से होने जा रहा है। कोरोना काल के बाद पहली बार यह महोत्सव पूरे धूमधाम से मनाया जाएगा, इसकी तैयारियां भी पूरी हो चुकी हैं। पिछले साल कोरोना के चलते सभी सांस्कृतिक कार्यक्रम दर्पण सभागार में हुए थे। इसमें सीमित लोगों के बैठने की ही व्यवस्था थी। इस बार रंगमंच को जैसलमेर की पटवा हवेली की रेप्लिका से सजाया गया है। शिल्पग्राम में पर्यटकों का सिलसिला शुरु हो गया हैं। आज 350 पर्यटक शिल्पग्राम पहुंचे। उत्सव के दौरान मेहंदी प्रतियोगिता, क्ले मॉडलिंग प्रतियोगिता, चित्रकार शिविर का आयोजन किया जायेगा। उत्सव का उद्घाटन राज्यपाल कलराज मिश्र द्वारा किया जायेगा।


केन्द्र निदेशक किरण सोनी गुप्ता ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर के इस उत्सव के लिए विभिन्न राज्यों के कलाकार व शिल्पकार पहुंचना शुरू हो गए हैं। जिनका रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है।
उत्सव में करीब 800 शिल्पकार व 1000 कलाकार हिस्सा लेंगे। उत्सव के दौरान पर्यटकों और शहरवासियों के लिए दिन में बंजारा रंगमंच व थड़ों पर कार्यक्रम होंगे। वहीं शाम को रोज 6 बजे से रंगमंच पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। इस बार हाट बाजार में शिल्पकार शिल्प उत्पादों बनाते हुए भी नजर आएंगे। इनमें धातु शिल्प, चर्म शिल्प, काष्ठ शिल्प, वस्त्र
संसार, अलंकार आदि होंगे।

आम जनता की आवाजाही के लिए चार पहिया वाहन बड़ी मार्ग, दोपहिया वाहन रानी रोड से करेंगे प्रवेश
उन्होंने बताया कि शिल्पग्राम में आम जनता की आवाजाही के लिए एक तरफा यातायात रहेगा। चार पहिया वाहनों का प्रवेश बड़ी मार्ग से होगा, जबकि दोपहिया वाहन रानी रोड से प्रवेश करेंगे। शिल्पग्राम उत्सव में पहले दो दिन असम का ढाल थुंगड़ी, छत्तीसगढ़ का कर्मा नृत्य, गोवा का समई नृत्य, पश्चिम बंगाल का खोल वादन, पंजाब का भांगड़ा, गुजरात का डांग,
महाराष्ट्र का लावणी व कोली, सिलवास का मास्क नृत्य, कश्मीर का रौफ, राजस्थान का घूमर, पश्चिम बंगाल का छऊ, उड़ीसा का गोटीपुवा, गुजरात का गरबा व राजस्थान का गैर नृत्य की प्रस्तुतियां देखने को मिलेंगी।
