दिव्यांग भाई के लिए बहनों ने छोड़ा अपना हक


दिव्यांग भाई के लिए बहनों ने छोड़ा अपना हक

सकारात्क सहयोग से सुलझ रहे पारिवारिक पेंशन प्रकरण

 
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पेंशनर्स की सेवा के लिए समर्पित है उदयपुर पेंशन कार्यालय

उदयपुर 11 फरवरी 2022 । उदयपुर संभाग के सेवानिवृत कार्मिकों को पेंशन, ग्रेच्यूटी एवं पेंशन रूपान्तरण आदि सुविधाएं व सेवाएं समय पर उपलब्ध कराने के लिए उदयपुर में पेंशन विभाग का क्षेत्रीय कार्यालय सतत प्रयासरत है। यहां अतिरिक्त निदेशक श्रीमती भारती राज के निर्देशन में हर अधिकारी-कार्मिक पेंशनर्स की सेवा के लिए तत्पर है और इनके सकारात्मक सहयोग के कारण कई प्रकरणों में पेंशनर्स को बड़ी राहत प्राप्त हुई है।

दिव्यांग मुकेश को मिली राहत

पेंशन नियमों की पालना के साथ मानवता के पक्ष को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान कर कई परिवारों को अपार खुशी का अवसर दिया है। इसका साक्षी बना है बांसवाड़ा का एक दिव्यांग प्रार्थी मुकेश भट्ट। अतिरिक्त निदेशक श्रीमती भारती राज ने बताया कि पेंशन कार्यालय में मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, बांसवाड़ा से पारिवारिक पेंशन प्रकरण प्राप्त हुआ था। प्रकरण की जांच कर दो बहनों के अविवाहित होने पर पात्र को पारिवारिक पेंशन देने के आक्षेप पर परिवार को सूचित किया गया। नियमानुसार पारिवारिक पेंशन कुलक में दर्शाये अनुसार क्रमवार एवं बडे़ से छोटे पात्र सदस्यों को ही दी जा सकती है।

इसी आधार पर प्रकरण की जांच करने पर यह पाया गया कि पारिवारिक पेंशनर स्व. श्रीमति रमादेवी भटट् थी जिनकी मृत्यु दिनांक 9 मई 2021 को होना पाया गया। ऐसी स्थिति में कुलक में दर्शाए अनुसार पारिवारिक पेंशन हेतु पात्र स्व. प्रभाशंकर भट्ट एवं स्व. श्रीमती रमादेवी भट्ट की क्रम संख्या 3 पर अंकित अविवाहित पुत्री सुश्री विभा भट्ट एवं सुश्री निशा भट्ट को नियमानुसार पारिवारिक पेंशन स्वीकृत की जानी थी।

दिव्यांग भाई के लिए बहनों ने छोड़ा अपना हक

अविवाहित पुत्री सुश्री विभा भट्ट एवं सुश्री निशा भट्ट ने निवेदन किया कि वे पारिवारिक पेंशन नहीं लेना चाहती है। अतः क्रम संख्या 6 पर अंकित स्व. प्रभाशंकर भट्ट एवं स्व. श्रीमती रमादेवी भट्ट के दिव्यांग पुत्र मुकेश भट्ट को पारिवारिक पेंशन स्वीकृत की जाये। अपने दिव्यांग भाई को पारिवारिक पेंशन मिल सके इसके लिये वे अपना ‘हक‘ छोडने के लिये तैयार हो गई किन्तु नियमानुसार ऐसा किया जाना संभव नहीं होने के कारण भाई के नाम से स्वीकृति जारी नहीं हो सकी।

विवेकाधिकार से अतिरिक्त निदेशक ने दी राहत

संशय स्थिति में अतिरिक्त निदेशक भारती राज ने अपने स्वविवेकाधिकार का उपयोग करते हुऐ पारिवारिक पेंशन हेतु पात्र अविवाहित पुत्री सुश्री विभा भट्ट को सुझाव दिया कि यदि उनकी मासिक आय 9500 रुपये होने पर एवं सुश्री निशा भट्ट ने स्वंय केे विवाहित होने का शपथ पत्र प्रस्तुत किया जिसके आधार पर उन्हें ‘‘अपात्र‘‘ मानते हुऐ कुलक मेें क्रम संख्या 6 पर अंकित स्व. प्रभाशंकर भट्ट एवं स्व. रमादेवी भट्ट के दिव्यांग पुत्र मुकेश भट्ट को पारिवारिक पेंशन स्वीकृृत की जा सकती है। 

अतिरिक्त निदेशक के प्रयास रंग लाये और पात्र अविवाहित पुत्री सुश्री विभा भट्ट ने लिखित में सूचित किया कि उनकी सभी स्त्रोतों से मासिक आय 9500 रुपये है। इस प्रकार से यह सूचना नियमों के अर्न्तगत प्रभावी मानी गयी और इस प्रकार से आक्षेप की पूर्ति तत्काल कर उसी दिन मुकेश भट्ट को पात्र मानते हुऐ पारिवारिक पेंशन स्वीकृत कर पी.पी.ओ. 2021869 जारी कर दिया गया।

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