राजस्थानी भाषा की मान्यता को लेकर संघर्ष जारी - गौरव देवासी
राजस्थान फिल्म अभिनेता है गौरव देवासी
'वर्तमान समय बदलाव का है, अगर इसे सही तरीके से देखा जाये तो डिजिटल युग है। राजस्थानी भाषा को संवैधानिक मान्यता नहीं मिली है पर डिजिटल युग के कारण एक बार फिर से राज्य की क्षेत्रीय भाषा वर्तमान में ग्लोबल तरीके से पुरे संसार तक पहुंच रही है।
देखा जाये तो इंटरनेट के सभी प्लेटफॉर्म पर राजस्थानी भाषा बोलते है और अपने स्थानीय पहनावे के साथ लोग दिख जायेंगे। यह कहना हे राजस्थान फिल्म अभिनेता गौरव देवासी (Gaurav Dewasi ) का।
उन्होंने कहा की डिजिटल ज़माने ने उन सभी लोगो को एक अलग दिशा का मोड़ दिया है। अब वे अपना हुनर यू ट्यूब व अनेक सोशल प्लेटफॉर्म पर दिखा रहे है। कई लोग डिजिटल के कारण ही दुनिया भर में सुर्खिया बटोर चुके है।
गौरव देवासी ने कहा की वर्तमान सरकार ने बजट में राजस्थानी फिल्मो को 25 लाख तक का सपोर्ट व जीएसटी में शत प्रतिशत राहत की घोषणा की है। यह कदम उनके लिए संजीविनी बूटी की तरह काम करेगा जो अपनी भाषा को ढेर सारा प्यार देते हुए फिल्मे बना रहे है। पिछले कुछ सालो से प्रदेश के कलाकार एक ही मांग कर रहे है की उनकी फिल्मो को भी महाराष्ट्र राज्य सरकार के तरह सिनेमाघर उपलब्ध हो।
वहीँ राजस्थान में फिल्म सिटी बनने की बहुत सम्भावनाये है गत कई वर्षो पहले पाली जिले के जवाई बांध वाले एरिया को फिल्म सिटी घोषित करने की मांग भी स्थानीय कलाकारों ने सरकार को सौंपी।
