हकीम खां सूर प्रांगण में साहित्यिक संगोष्ठी का भव्य आयोजन

वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 485 वीं जयंती
 
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hakeem khan sur

उदयपुर 24 मई 2025। वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 485 वीं जयंती के उपलक्ष्य में मेवाड़ क्षत्रिय महासभा के सात दिवसीय कार्यक्रम के क्रम में मेवाड़ मुस्लिम समाज एवं प्रताप-हकीम-पूँजा मित्र संघ द्वारा 24 मई,शनिवार को महाराणा प्रताप, मोतीमगरी स्मारक समिति पर वीर सेनापति हकीम ख़ां सूर प्रांगण में माल्यार्पण पश्चात एक साहित्यिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया । 

हिदायतुल्ला ने बताया कि कार्यक्रम की अध्यक्षता चन्द्रवीर सिंह करेलिया ने की जिसमें विशिष्ट अतिथि सतीश शर्मा, कमलेन्द्र सिंह पंवार, प्रेम सिंह शक्तावत, आबिद खान, हाजी प्यारा भाई रहे।  

कार्यक्रम का आरम्भ शायर मुश्ताक चंचल ने अपनी कविता ’’ना उदय सिंह होते ना उदयपुर होता ना दुनिया में यह शहर मशहूर होता’’ सुनाई इसके पश्चात अनीस अहमद ने देश भक्ति गीत ’’सूर हकीम प्रताप पूंजा मूगलों से भिड़ जाएं, मान सिंह को रण में रुलाए माटी तेरे वास्ते’’ सुनाकर शहीद हकीम खां सूर को श्रंद्धाजली पेश की शायर रियाज भाई, प्रोफेसर निर्मल गर्ग, प्रोफेसर नन्दकिशोर शर्मा, डॉ खुर्शीद, जफर जिलानी ने भी अपनी प्रस्तुतियां पेश की । 

वक्ताओं ने महाराणा प्रताप एवं हकीम खां सूर की वीरता एवं मित्रता के विचार प्रस्तुत कर मेवाड की सामाजिक प्रेम एवं सौहार्द के आदर्श को जीवन में अपनाने का संकल्प दिलाया।  

इस अवसर पर सत्यपाल डोडीया, अजय सिंह, कप्पू सिंह, शहजाद खान, मुश्ताक मन्सुरी, आजम खान, इरफान मुल्तानी, बंशीलाल, किशन, विनोद कुमार, शीला मीणा, तरन्नुम खान, शमीम बानु, दिलीप कुमार बापना ने भी अपने विचार रखे। मंच संचालन मुश्ताक चंचल ने किया एवं हिदायतुल्ला ने संगोष्ठि में सम्मिलित तमाम महमानों का धन्यवाद किया।

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