ऋषभदेव पहुंचा राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग का दल, ग्रामीणों से लिया फीडबैक
Udaipur Times, Udaipur News: उदयपुर संभाग और दक्षिणी राजस्थान के भूभाग मे फैले अरावली क्षेत्र में जनजातीय समुदाय की आजीविका संबंधी निर्भरता तथा अरावली की परिभाषा एवं सीमांकन निर्धारित किए जाने के बाद जनजातीय आबादी पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों का अध्ययन करने के लिए उदयपुर आए राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (एनसीएसटी) के दल ने मंगलवार को जिले के ऋषभदेव उपखण्ड क्षेत्र का दौरा किया।
दो दिवसीय प्रवास के दूसरे दिन आयोग के तीन सदस्यीय दल ने मसारों की ओबरी एवं आसपास के जनजातीय क्षेत्रों में पहुंचकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। दल ने क्षेत्र की भौगोलिक एवं सामाजिक स्थिति का अवलोकन करते हुए ग्रामीणों से अरावली क्षेत्र से उनकी आजीविका संबंधी निर्भरता के बारे में जानकारी ली।
ग्रामीणों ने दल के समक्ष क्षेत्र से जुड़ी स्थानीय समस्याओं, आवश्यकताओं और अपनी आजीविका से संबंधित विषयों को रखा। दल के सदस्यों ने ग्रामीणों की बातों को गंभीरता से सुना तथा अरावली क्षेत्र से जुड़े संभावित बदलावों का जनजातीय समुदाय पर पड़ने वाले प्रभावों के संबंध में फीडबैक लिया।
इस दौरान आयोग के अधिकारियों ने यह समझने का प्रयास किया कि क्षेत्र के जनजातीय परिवार अपनी आजीविका के लिए प्राकृतिक संसाधनों और अरावली क्षेत्र पर किस प्रकार निर्भर हैं तथा अरावली की परिभाषा एवं सीमांकन से संबंधित संभावित निर्णयों का स्थानीय स्तर पर क्या प्रभाव पड़ सकता है।
इस दौरान पूर्व विधायक नानालाल अहारी समेत स्थानीय जनप्रतिनिधि और उपखण्ड स्तरीय प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।
उल्लेखनीय है कि सोमवार को दल ने गिर्वा क्षेत्र के उमरड़ा, झामर कोटड़ा सहित विभिन्न जनजातीय गांवों का दौरा कर ग्रामीणों से संवाद किया था। ऋषभदेव दौरे के बाद दल डूंगरपुर प्रस्थान कर गया।