उदयपुर में जर्जर सरकारी स्कूल भवनों को तोड़ने की कार्रवाई शुरू

कदमाल गांव स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के दो जर्जर कक्षों को गिराया गया

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school building

उदयपुर 31 जुलाई 2025। झालावाड़ ज़िले में हाल ही में एक स्कूल की छत गिरने की घटना के बाद उदयपुर ज़िला प्रशासन सतर्क हो गया है। इसके चलते ज़िले के जर्जर स्कूल भवनों को चिह्नित कर उन्हें ध्वस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पहले चरण में कदमाल गांव स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के दो जर्जर कक्षों को गिराया गया।

प्रशासन द्वारा शिक्षा विभाग के माध्यम से ज़िले भर में सबसे अधिक जर्जर अवस्था वाले स्कूल भवनों को पहले चिन्हित किया गया। इसके बाद क्रमबद्ध तरीके से उन्हें तोड़ने की प्रक्रिया शुरू की गई है ताकि किसी भी संभावित हादसे से बचा जा सके।

कदमाल स्कूल के जिन दो कमरों को गिराया गया, उन्हें काफी समय से बंद रखा गया था। इनके आसपास के अन्य सरकारी स्कूलों में भी कमजोर और खस्ताहाल कमरों की पहचान की जा चुकी है और उन्हें भी जल्द ध्वस्त किया जाएगा। पूरे जिले में ऐसे 100 से अधिक स्कूल भवनों को चिह्नित किया गया है, जिनमें से कुछ में दो तो कुछ में दो से अधिक जर्जर कक्ष मौजूद हैं।

ज़िला कलेक्टर नमित मेहता ने मंगलवार को इस संबंध में एक अहम बैठक ली थी, जिसमें जर्जर भवनों की स्थिति को लेकर विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे। कलेक्टर ने जिले के सभी सरकारी भवनों, सड़कों, पुलियाओं, विद्युत खंभों, आंगनवाड़ी केंद्रों और अस्पतालों की तत्काल जांच कर 5 अगस्त तक रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।

इसके तहत जिले में उपखण्ड और ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष समितियों का गठन किया गया है, जिनमें तकनीकी विशेषज्ञ भी शामिल हैं। इन समितियों को संबंधित क्षेत्रों में सर्वे करने और खतरनाक इमारतों की पहचान कर तत्काल कार्रवाई करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

मंगलवार से यह सर्वे कार्य ज़िला कलेक्टर के निर्देशन में शुरू किया गया, जिसमें उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, विकास अधिकारी समेत अन्य विभागीय अधिकारी फील्ड पर उतरकर विद्यालयों, आंगनवाड़ी केंद्रों, अस्पतालों और अन्य सरकारी भवनों का निरीक्षण कर रहे हैं। प्रशासन का उद्देश्य है कि किसी भी अनहोनी से पहले जर्जर संरचनाओं को हटाकर जनसुरक्षा सुनिश्चित की जाए।