हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर जारी रहेगा आंदोलन

इस कड़ी में आज बुधवार को भी कोर्ट के कार्य को बहिष्कार बेंच की मांग के आंदोलन को आगे बढ़ाया गया

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Students demand arrest of acussed-Accident at  Fatehsagar road

उदयपुर में हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर 40 साल से आंदोलन चल रहा है। शुरुआत हर महीने की सात तारीख को न्यायिक कार्यों के बहिष्कार से हुई थी जो आज दिन तक जारी है। इस बीच कभी यह आंदोलन 40 दिन लगातार चला, कभी एक महीने तो कभी छह महीने तक। ताजा अपडेट यह है कि राज्य सरकार ने राजस्थान हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को उदयपुर में हाईकोर्ट बेंच की अनुशंसा का पत्र लिखा, जिसको चीफ जस्टिस ने खारिज कर दिया यानी उदयपुर में हाईकोर्ट बेंच की जरूरत नहीं है।

वर्ष 1998 में बार अध्यक्ष जेके दवे के नेतृत्व में यह आंदोलन 40 से 45 दिनों तक लगातार चला। न्यायिक कार्यों के बहिष्कार के साथ उदयपुर बंद और लाठीचार्ज जैसी घटनाएं भी हुईं। इसके बाद तमाम अध्यक्षों के समय यह आंदोलन जारी रहा। कलेक्टर से लेकर संभागीय आयुक्त कार्यालय पर धरना प्रदर्शन के साथ स्थानीय नेताओं तक के घेराव किए गए।

बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भरत जोशी ने कहा कि पिछले 40 सालों से नियमित उदयपुर के वकीलों द्वारा हाई कोर्ट बेंच की मांग को लेकर महीने की 7 तारीख को हड़ताल कर और कार्य का बहिष्कार कर बेंच की मांग के आंदोलन को लगातार चलाए जा रहा है इस कड़ी में आज बुधवार को भी कोर्ट के कार्य को बहिष्कार बेंच की मांग के आंदोलन को आगे बढ़ाया गया।

जोशी ने कहा कि वह उनका अध्यक्ष चुने जाने के के बाद यह पहला मौका है जिसमें उनकी अध्यक्षता में इस कार्य को किया गया। जोशी ने कहा कि कोर्ट में इसको लेकर आज एक वार्ता का भी आयोजन किया गया जिसमें सभी अधिवक्ताओं सीनियर अधिवक्ताओं से चर्चा की गई और उनके विचार लिए गए, उन्होंने कहा कि भले ही या आंदोलन पिछले चार दशक से चल रहा है लेकिन हर बार सरकार ने सिर्फ उन्हें आश्वासन ही दिया है लेकिन अभी तक इस आंदोलन को कोई सफलता प्राप्त नहीं हुई है इससे पूर्व वर्चुअल बेंच की बात कह कर भी आश्वासन दिया गया था लेकिन अभी तक वह भी पूरा नहीं किया गया है। इस मांग को लगातार आगे बढ़ते हुए आंदोलन जारी रहेगा।

उन्होंने कहा की नई सरकार आने के बाद अब अधिवक्ताओं को एक नई उम्मीद बंधी है, सभी को भजनलाल सरकार से उम्मीद है कि उनकी इतनी पुरानी मांग को गंभीरता से लेते हुए भजनलाल सरकार द्वारा मांग को पूरा किया जाएगा और इसी के चलते या तो हाई कोर्ट बेंच या फिर वर्चुअल हाई कोर्ट बेंच दोनों में से कोई भी मांग पूरी की जाएगी और अगर ऐसा नहीं होता है तो अगले महीने की 7 तारीख को उदयपुर के अधिवक्ताओं द्वारा बड़े स्तर पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
 

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