राजसमंद में IGL कंपनी की मनमानी! आयुक्त के आदेशों की अवहेलना किसके इशारे पर
Udaipur Times, Rajasmand News: राजसमंद शहर में IGL कंपनी की कार्यप्रणाली को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। त्योहारों के बीच गैस पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़क खुदाई किए जाने से व्यापारियों में नाराजगी देखने को मिल रही है।
व्यापारियों का आरोप है कि नगर परिषद आयुक्त की ओर से दीपावली तक काम रोकने के निर्देश दिए गए थे, ताकि त्योहारों के दौरान व्यापारियों के कारोबार पर असर न पड़े और शहर की व्यवस्था बनी रहे। इसके बावजूद शहर के मुखर्जी चौराहे पर बीती रात सड़क खोद दी गई। ऐसे में सवाल उठता है कि जब अधिकारियों की ओर से काम रोकने के निर्देश दिए गए थे, तो फिर सड़क खुदाई किसके इशारे पर की जा रही है? क्या IGL कंपनी को प्रशासनिक आदेशों की कोई परवाह नहीं है?
करवाचौथ के दिन बाजार में अच्छी ग्राहकी की उम्मीद लगाए बैठे व्यापारियों की परेशानी बढ़ गई। व्यापारियों का कहना है कि सड़क खुदाई के कारण दुकानों तक ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हो रही है और कुछ दुकानदारों को अपनी दुकानें खोलने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी को लेकर मुखर्जी चौराहे पर व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने IGL कंपनी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
व्यापारियों का कहना है कि विकास कार्यों से उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन त्योहारों के समय बाजार और व्यापारियों की सुविधाओं का ध्यान रखना भी जरूरी है। जब दीपावली तक काम रोकने के निर्देश दिए गए थे, तो फिर उन निर्देशों की पालना क्यों नहीं हुई? क्या संबंधित अधिकारियों को सड़क खुदाई की जानकारी थी, या फिर कंपनी अपनी मर्जी से काम कर रही है? इन सवालों के जवाब अब प्रशासन को देने होंगे।
मामले में अब जिला प्रशासन और नगर परिषद की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। क्या जिला कलेक्टर इस मामले का संज्ञान लेकर जांच के निर्देश देंगे? क्या नगर परिषद आयुक्त अपने ही आदेशों की अवहेलना के मामले में कार्रवाई करेंगे? या फिर त्योहारों के दौरान व्यापारियों को इसी तरह परेशानियों का सामना करना पड़ेगा?
मुखर्जी चौराहे के व्यापारियों को अब प्रशासन से राहत की उम्मीद है। व्यापारियों की मांग है कि पूरे मामले की जांच की जाए, सड़क खुदाई को लेकर जारी निर्देशों की पालना सुनिश्चित की जाए और बाजार में आवागमन सुचारू रखने के लिए उचित व्यवस्था की जाए।
अब सबसे बड़ा सवाल—आखिर किसकी शह पर IGL कंपनी के कामकाज पर प्रशासनिक आदेश बेअसर नजर आ रहे हैं? क्या जिला कलेक्टर और नगर परिषद इस मामले में कार्रवाई करेंगे, या व्यापारियों की आवाज यूं ही अनसुनी रह जाएगी?