दिन भर शहादत की याद में आंसू बहे, अज़ादारी जुलुस निकाला

कोरोना के दो साल बाद निकला अज़ादारी जुलुस

 | 
azadari julus

उदयपुर 7 अगस्त 2022 दाउदी बोहरा समुदाय ने आज अपने इमाम, इस्लाम के पैगम्बर मुहम्मद साहब (स.अ.व.) के नवासे, हज़रत अली (अ.स.) और सैय्यदा फातिमा (अ.स.) के बेटे इमाम हुसैन और उनके 72 साथियो की शहादत की याद में यौम ए आशूरा मनाया। 10 मुहर्रम (7 अगस्त ) को इमाम हुसैन की शहादत की याद में हर वर्ष निकलने वाला अज़ादारी जुलुस बोहरवाड़ी स्थित मोहियतपुरा मस्जिद से ज़ोहर अस्र की नमाज़ के बाद दो बजे निकला और वजीहपुरा मस्जिद पर समाप्त हुआ।

azadari julus

दाऊदी बोहरा जमात के प्रवक्ता मंसूर अली ओड़ावाला ने बताया की जुलुस में इमाम हुसैन के भाई मौला अब्बास के अलम निकाले गए। जुलुस में मार्ग के दोनों ओर समज की महिलाये आँखों में अपने इमाम का ग़म लिए हुए खड़ी हुई थी। वहीँ छोटे छोटे मासूम बच्चे भी 'या हुसैन' 'या अली' पुकार के मातम कर रह रहे थे। जुलुस में असरार जावरिया वाला एन्ड पार्टी, मुजम्मिल एन्ड पार्टी मातमी नौहा पढ़ते हुए चल रहे थे। जुलुस के संचालन को अंजुमन ए फिदायने हुसैनी के कार्यकर्ताओ ने अंजाम दिया।

azadari julus


       
दाउदी बोहरा जमात के सचिव ज़ाकिर हुसैन पंसारी ने बताया की जुलुस के फ़ौरन बाद वजीहपुरा मस्जिद में इमाम हुसैन और उनके 72 साथियो की शहादत मुल्ला अली असगर साहब द्वारा वजीहपुरा मस्जिद में पढ़ी गई। आशूरा के दिन सामूहिक इफ्तारी का आयोजन भी किया गया। मग़रिब ईशा की नमाज़ सामूहिक नियाज़ का आयोजन बोहरवाड़ी स्थित जमाअतखाना में रखा गया है।

muharram

शाम ए गरीबां का रात को

रात को शाम ए गरीबां की मजलिस का आयोजन वजीहपुरा मस्जिद में किया गया, जिनमे मुदस्सर ज़री वाला मस्जिद में बत्ती गुल कर अँधेरे में शाम ए ग़रीबां का मंज़र पेश किया । जबकि मैराज मुहिब ने सलाम ए आखिर पेश किया।

azadari julus

Follow UdaipurTimes on Facebook , Instagram , and Google News