बड़े भाई के नाम से नौकरी करने वाले आरोपी की ज़मानत रद्द

नौ साल पहले निलंबित किया जा चुका है आरोपी

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खान ब्यूरो क्षेत्रीय कार्यालय में मल्टी टॉस्किंग स्टाफ के पद पर अपने बड़े भाई की आठवीं की अंकतालिका पेश कर उसके नाम से नौकरी करने वाले आरोपी की ओर से पेश अग्रिम जमानत आवेदन पत्र को न्यायालय ने खारिज कर दिया। आरोपी की असलियत सामने आने के बाद विभाग ने उसे निलंबित कर दिया था।

सहायक खनिज अभियंता एवं नोडल ऑफिसर पंकज कुलश्रेष्ठ ने 11 जुलाई 2022 को सविना थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि आरोपी मोहनलाल पुत्र स्व. रूपलाल सालवी निवासी हवा मगरी सेक्टर 14 मल्टी टॉस्किंग स्टॉफ पद पर कार्यरत था। 30 सितंबर 2014 को सेवानिवृत्ति से पहले क्षेत्रीय कार्यालय को पत्रकार अनिल कुमार जैन के जरिये शिकायत मिली थी कि कार्यालय में मोहनलाल का प्रतिरूपेण कार्य कर रहा है वह वास्तव में जगदीशचंद्र है। 

विभागीय अधिकारियों ने शिकायत की जांच की, जहां सामने आया कि आरोपी जगदीश ने अपने बड़े भाई मोहनलाल की आठवीं की अंकतालिका में हेरफेर कर उसे विभाग के सामने पेश किया और आईबीएम में चतुर्थ श्रेणी की नौकरी हथिया ली। इसके बाद जगदीशचंद्र को निलंबित कर दिया, लेकिन उसकी वर्ष 2016 से प्रोविजन पेंशन स्वीकृत है, जो वो प्राप्त कर रहा है। रिपोर्ट के साथ 88 दस्तावेज भी पेश किए गए थे। 

असली मोहनलाल वेटनरी चिकित्सालय नवानिया से सेवानिवृत हुआ था। इस मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी मोहनलाल उर्फ जगदीशचंद्र ने अग्रिम जमानत का आवेदन पत्र पेश किया। दोनों पक्षों की बहस सुनने के उपरांत पीठासीन अधिकारी ने अग्रिम जमानत का आवेदन खारिज कर दिया।
 

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