सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर रोक

महाशिवरात्रि पर्व पर उदयपुर नगर निगम की अपील

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उदयपुर 14 फ़रवरी 2026। आने वाले कल 15 फरवरी 2026 को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा। इस अवसर पर कैलाशपुरी स्थित भगवान एकलिंगनाथ के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु 14 फरवरी 2026 की दोपहर बाद से रात्रि तक पैदल यात्रा प्रारंभ करेंगे और 15 फरवरी को कैलाशपुरी पहुंचकर दर्शन करेंगे। शहर के महाकाल मंदिर सहित अन्य शिव मंदिरों में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित होंगे।

उदयपुर से कैलाशपुरी तक धार्मिक संगठनों, सामाजिक संस्थाओं एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों द्वारा पैदल यात्रियों के लिए जगह-जगह प्रसाद वितरण हेतु स्टॉल और काउंटर लगाए जाते हैं। पूर्व वर्षों में प्रसाद वितरण के दौरान प्लास्टिक के कप, गिलास, प्लेट, चम्मच तथा सिंगल यूज प्लास्टिक कैरी बैग का उपयोग किए जाने और बाद में इनके सड़क पर फेंके जाने से कचरे के ढेर लगने की स्थिति सामने आई है। कई स्थानों पर पर्याप्त डस्टबिन नहीं होने से भी समस्या बढ़ी है।

पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की अधिसूचना 12 अगस्त 2021 तथा प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन संशोधन नियम 2021 के तहत प्लास्टिक प्लेट, कप, गिलास, कांटे, चम्मच आदि के निर्माण, आयात, भंडारण, वितरण, विक्रय और उपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया है। इस संबंध में राजस्थान सरकार द्वारा भी 20 जून 2022 को आदेश जारी किए गए हैं। इससे पूर्व 21 जुलाई 2010 की अधिसूचना के तहत सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है।

संरक्षण अधिनियम 1986 की धारा 15 के अनुसार उल्लंघन करने पर पांच वर्ष तक का कारावास या एक लाख रुपये तक का जुर्माना अथवा दोनों से दंडित किया जा सकता है। उल्लंघन जारी रहने पर प्रतिदिन अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया जा सकता है। राजस्थान नगरपालिका अधिनियम 2009 की धारा 258 के तहत भी यह दंडनीय अपराध है।

नगर निगम उदयपुर ने सभी प्रसाद वितरण स्टॉल एवं काउंटर संचालकों से अपील की है कि वे प्लास्टिक के कप, प्लेट, गिलास, चम्मच और सिंगल यूज प्लास्टिक कैरी बैग का उपयोग न करें। इनके स्थान पर पेड़ के पत्तों से बने दोने, कागज या अन्य कंपोस्टेबल सामग्री का उपयोग किया जाए। कचरा एकत्रित करने के लिए बड़े ड्रम या प्लास्टिक बैग की व्यवस्था करने तथा श्रद्धालुओं से प्रसाद ग्रहण करने के बाद कचरा निर्धारित स्थान पर डालने की अपील की गई है।

नगर निगम ने चेतावनी दी है कि इस वर्ष सभी स्टॉल और काउंटर की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराई जाएगी। प्रतिबंधित प्लास्टिक का उपयोग पाए जाने पर जब्ती की कार्रवाई करते हुए नियमानुसार कानूनी कार्यवाही की जाएगी। निगम ने नागरिकों और श्रद्धालुओं से स्वच्छता बनाए रखने और पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करने की अपील की है।