Bhilwara: अवैध रूप से संचालित ऑटो एलपीजी पम्प सील

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District-level meeting on mineral development and illegal mining action in Bhilwara

 भीलवाड़ा, 27 मार्च 2026

जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू के निर्देशानुसार जिला रसद अधिकारी श्री अमरेंद्र कुमार मिश्र के नेतृत्व में गठित दल द्वारा निरीक्षण के दौरान पाया गया कि भदालीखेड़ा, भीलवाड़ा में एक ऑटो एलपीजी पम्प बिना वैध दस्तावेजों के संचालित किया जा रहा था।जांच में पम्प संचालक बिजेंद्र सिंह द्वारा आवश्यक वस्तु अधिनियम (E.C. Act) के प्रावधानों का उल्लंघन पाया गया। इस पर विभागीय टीम ने तत्काल प्रभाव से पम्प को सील कर दिया तथा नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही आमजन से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार की अवैध गैस रिफिलिंग या पम्प संचालन की सूचना तत्काल प्रशासन को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

2. रीको द्वारा औद्योगिक भूखण्डों के प्रत्यक्ष आवंटन की प्रक्रिया प्रारंभ

राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम द्वारा भीलवाड़ा जिले के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में औद्योगिक भूखण्डों के प्रत्यक्ष आवंटन योजना (नौवां चरण) के अंतर्गत आवंटन प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी गई है। इस योजना के तहत कुल 324 औद्योगिक भूखण्ड आवंटन हेतु उपलब्ध कराए गए हैं। जिले के औद्योगिक क्षेत्र फतेहपुरा-समेलिया में 231, करणपुरा में 42, कान्याखेड़ी में 04, उखलिया में 03, पण्डेर (गुलाबपुरा), तहसील जहाजपुर में 17, धुवाला, तहसील माण्डल में 12, पीपलूंद, तहसील जहाजपुर में 06 तथा किडीमाल, तहसील करेड़ा में 07 औद्योगिक भूखण्ड आवंटन के लिए उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त फतेहपुरा-समेलिया में 02 वेयरहाउस भूखण्ड भी उपलब्ध कराए गए हैं।

रीको के वरिष्ठ उपमहाप्रबंधक श्री एस.के. नेनावटी ने जानकारी देते हुए बताया कि औद्योगिक क्षेत्र फतेहपुरा-समेलिया एवं पण्डेर (गुलाबपुरा), तहसील जहाजपुर को फ्लेक्सिबल लीज पॉलिसी के अंतर्गत शामिल किया गया है। इसके तहत भूखण्डों का आवंटन विशेष रियायती आरक्षित दर के 60 प्रतिशत पर 33 वर्ष की लीज अवधि के लिए किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि राइजिंग राजस्थान के अंतर्गत राज्य सरकार के साथ 02 मार्च 2026 तक एमओयू निष्पादित करने वाले निवेशक इस योजना में पात्र होंगे तथा भूखण्ड का आवंटन संबंधित एमओयू धारक के नाम से किया जाएगा।

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