Bhilwara:महात्मा गांधी चिकित्सालय में प्रसूताओं की मृत्यु एवं ऑपरेशन थियेटर संबंधी समाचार पर तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट

पाँचों मरीजों की मृत्यु अलग-अलग गंभीर चिकित्सीय जटिलताओं के कारण हुई- पीएमओ

 | 
District Collector Jasmeet Singh Sandhu inspects MG Hospital Bhilwara after clarification on patient deaths.

 

Udaipur Times News, भीलवाड़ा, 11 जुलाई 2026

1. महात्मा गांधी चिकित्सालय में प्रसूताओं की मृत्यु एवं ऑपरेशन थियेटर संबंधी समाचार पर तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट

जिला कलेक्टर ने एमजी अस्पताल का किया दौरा, प्रकरण के संबंध में बारीकी से जानकारी लेकर अस्पताल प्रशासन को दिये आवश्यक दिशा निर्देश

जिला कलेक्टर के निर्देशानुसार महात्मा गांधी चिकित्सालय ने की जांच समिति गठित

पाँचों मरीजों की मृत्यु अलग-अलग गंभीर चिकित्सीय जटिलताओं के कारण हुई- पीएमओ

जिला कलक्टर जसमीत सिंह संधू के निर्देशानुसार महात्मा गांधी चिकित्सालय, भीलवाड़ा प्रशासन ने शनिवार दिनांक 11 जुलाई को प्रकाशित समाचार के संबंध में तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया है कि उक्त प्रकरण के संबंध में वास्तविक तथ्य निम्नानुसार हैं।

महात्मा गांधी जिला चिकित्सालय के पीएमओ डॉ अरुण गौड़ ने बताया कि समाचार में उल्लेखित पाँचों मामलों में मृत्यु के कारण अलग-अलग एवं गंभीर चिकित्सीय जटिलताएँ थीं। इनमें से  फोरी देवी प्रसूता नहीं थीं। वे बच्चेदानी के ऑपरेशन के लिए चिकित्सालय में भर्ती हुई थीं, जहाँ उनकी मृत्यु अचानक मायोकार्डियल इन्फार्क्शन (हृदयाघात) के कारण हुई।

इसी प्रकार शिमला गुर्जर गंभीर बीमारी के कारण उप-जिला चिकित्सालय, गुलाबपुरा से रेफर होकर महात्मा गांधी चिकित्सालय पहुँची थीं। उनका चिकित्सालय में किसी भी प्रकार का ऑपरेशन नहीं किया गया।

मृत्यु के कारणों में मायोकार्डियल इन्फार्क्शन, हाइपोवोलेमिक शॉक, तीव्र गैस्ट्रोएंटेराइटिस, सेप्टीसीमिया, पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म, हेल्प सिंड्रोम, एक्लेम्प्सिया तथा प्रसवोत्तर अत्यधिक रक्तस्राव जैसी गंभीर चिकित्सीय परिस्थितियाँ शामिल रहीं।

उल्लेखित मरीजों का तथ्यात्मक विवरण  

चिकित्सालय प्रशासन के अनुसार फोरी देवी (Gyne Case) को दिनांक 30 जून 2026 को बच्चेदानी के ऑपरेशन हेतु भर्ती किया गया था। उनका ऑपरेशन 1 जुलाई 2026 को किया गया। वे प्रसूता नहीं थीं तथा उनकी मृत्यु 7 जुलाई 2026 को मायोकार्डियल इन्फार्क्शन (हृदयाघात) के कारण हुई। श्रीमती शिमला गुर्जर (Obs Case-ANC) को 5 जुलाई 2026 को उप-जिला चिकित्सालय, गुलाबपुरा से गंभीर बीमारी के कारण रेफर कर महात्मा गांधी चिकित्सालय लाया गया था।

चिकित्सालय में उनका किसी भी प्रकार का ऑपरेशन नहीं किया गया। उनकी मृत्यु 7 जुलाई 2026 को हाइपोवोलेमिक शॉक, तीव्र गैस्ट्रोएंटेराइटिस, सेप्टीसीमिया, IUD एवं एनीमिया जैसी गंभीर चिकित्सीय जटिलताओं के कारण हुई। ईशा पाण्डेय (Obs Case) को 5 जुलाई 2026 को भर्ती किया गया तथा 6 जुलाई 2026 को ऑपरेशन किया गया।

उनकी मृत्यु 8 जुलाई 2026 को पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म के कारण हुई। श्रीमती दिव्या सेन (Obs Case) को 7 जुलाई 2026 को सीएचसी रायपुर से रेफर कर भर्ती किया गया तथा उसी दिन ऑपरेशन किया गया। उनकी मृत्यु 9 जुलाई 2026 को गर्भावस्था जनित गंभीर उच्च रक्तचाप के कारण उत्पन्न HELLP सिंड्रोम (Hemolysis, Elevated Liver Enzymes एवं Low Platelet Count) तथा एक्लेम्प्सिया जैसी गंभीर चिकित्सीय जटिलताओं के कारण हुई।

 संगीता जीनगर (Obs Case) को 9 जुलाई 2026 को भर्ती किया गया तथा उसी दिन ऑपरेशन किया गया। उनकी मृत्यु 10 जुलाई 2026 को प्रसवोत्तर अत्यधिक रक्तस्राव (Atonic Post Partum Haemorrhage with DIC) के कारण हुई।

चिकित्सालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उपरोक्त सभी मरीजों में मृत्यु का कारण गंभीर चिकित्सीय परिस्थितियाँ थीं तथा किसी भी मरीज में ऑपरेशन थियेटर संक्रमण नहीं पाया गया। ऑपरेशन थियेटर का माइक्रो-बायोलॉजिकल कल्चर संक्रमण नियंत्रण की नियमित एवं मानक प्रक्रिया का हिस्सा है। ऑपरेशन थियेटर क्रमांक-02 का दिनांक 29 जून 2026 को नियमित फ्यूमिगेशन एवं डिसइन्फेक्शन के पश्चात कल्चर कराया गया था।

रिपोर्ट में संक्रमण पाए जाने के बाद संबंधित ऑपरेशन थियेटर का उपयोग तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया तथा 29 जून 2026 से आज दिनांक तक उसमें कोई भी ऑपरेशन नहीं किया गया। चिकित्सालय में संक्रमण नियंत्रण के लिए राज्य सरकार एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संक्रमण नियंत्रण समिति नियमित रूप से कार्यरत है। समय-समय पर चिकित्सकों, रेजिडेंट्स, नर्सिंग अधिकारियों एवं पैरामेडिकल कर्मचारियों को संक्रमण नियंत्रण, स्टेरिलाइजेशन, बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट, हैंड हाइजीन तथा ऑपरेशन थियेटर प्रोटोकॉल संबंधी प्रशिक्षण एवं आवश्यक निर्देश जारी किए जाते हैं।

समाचार में ऑपरेशन के लिए केवल पाँच स्टेराइल सेट उपलब्ध होने का उल्लेख भी तथ्यात्मक रूप से गलत है। चिकित्सालय में वर्तमान में 22 स्टेराइल सेट उपलब्ध हैं, जिनका आवश्यकता अनुसार स्टेरिलाइजेशन कर उपयोग किया जाता है। चिकित्सालय में प्रतिदिन औसतन 15 से 20 सीजेरियन ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए जाते हैं।

2.जिला कलेक्टर ने एमजी अस्पताल का किया दौरा, प्रकरण के संबंध में बारीकी से जानकारी लेकर अस्पताल प्रशासन को दिये आवश्यक दिशा निर्देश*

जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू ने शनिवार सुबह एमजी अस्पताल का औचक निरीक्षण किया एवं प्रकरण के संबंध में बारीकी से जानकारी लेकर अस्पताल प्रशासन को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने प्रकरण की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन कर दिया गया है, जो समूचे प्रकरण की गहन जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।

समिति की रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी चिकित्सालय प्रशासन ने बताया कि मरीजों की सुरक्षा, गुणवत्तापूर्ण उपचार एवं संक्रमण नियंत्रण सर्वोच्च प्राथमिकता है।

यदि किसी स्तर पर कोई कमी अथवा अनियमितता पाई जाती है तो उसके निराकरण हेतु आवश्यक सुधारात्मक एवं प्रशासनिक कार्यवाही तत्काल सुनिश्चित की जाती है।

#Bhilwara #MGHospital #RajasthanNews #HealthNews #HospitalNews #PatientSafety #MedicalNews #MaternalHealth #DistrictCollector #Healthcare #Rajasthan #BreakingNews

Follow UdaipurTimes on Facebook , Instagram , and Google News