एक्स्पोर्टर्स के लिए बड़ी खबर, 3 लाख रुपये से कम एक्स्पोर्टस पर RCMC मे छूट
Udaipur Times, Export Exemption Rule: नए और छोटे एक्सपोर्टर्स के लिए नियमों का पालन करने का बोझ कम करना और पोस्टल, कूरियर और दूसरे नए तरीकों से एक्सपोर्ट को आसान बनाने के लिए सरकार ने 3 लाख रुपये तक के छोटे निर्यात माल के लिए Registration Cum Membership Certificate (RCMC) या रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट की ज़रूरत से 'डी मिनिमिस' (मामूली) छूट दी है।
विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने विदेश व्यापार नीति, 2023 के अनुच्छेद 2.57 में संशोधन करते हुए यह प्रावधान किया है कि 3 लाख रुपये तक के फ्री-ऑन-बोर्ड (FOB) मूल्य वाले निर्यात के लिए RCMC या पंजीकरण प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं होगी, जहां विदेश व्यापार नीति के तहत ऐसे प्रमाणपत्र की आवश्यकता होती है। हालांकि 3 लाख रुपये से अधिक के निर्यात के लिए वैध RCMC या रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट की आवश्यकता बनी रहेगी।
इस कदम से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME), कारीगरों, छोटे व्यवसायों और पहली बार निर्यात करने वालों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रवेश करने का एक आसान रास्ता मिल जाएगा क्योंकि पात्र लघु-मूल्य खेपों के लिए पहले से RCMC प्राप्त करने की आवश्यकता समाप्त कर दी गई है। इससे उभरते निर्यातकों को विदेशी बाजारों का परीक्षण करने और अनुपालन आवश्यकताओं के साथ निर्यात करने में मदद मिलेगी।
निर्यातक जैसे-जैसे अपने संचालन का विस्तार करते हैं और उनके माल का मूल्य 3 लाख रुपये की सीमा से अधिक हो जाता है, वे संबंधित निर्यात संवर्धन परिषदों या कमोडिटी बोर्डों की सदस्यता प्राप्त कर सकते हैं और निर्यात संवर्धन, बाजार पहुंच और अन्य संस्थागत सहायता सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।
पिछले पांच वर्षों (2021-22 से 2025-26) के आंकड़ों से पता चलता है कि कम मूल्य के निर्यात का शिपिंग बिलों में महत्वपूर्ण हिस्सा है लेकिन कुल निर्यात मूल्य में इनका अनुपात बहुत कम है। उदाहरण के लिए 3,000 अमेरिकी डॉलर तक के माल का शिपिंग बिलों में 43 प्रतिशत हिस्सा है, लेकिन भारत के कुल माल निर्यात मूल्य में इनका योगदान केवल 0.86 प्रतिशत है। इसलिए यह उम्मीद की जाती है कि छूट से बड़ी संख्या में कम मूल्य के निर्यात लेनदेन कवर हो जाएंगे, जबकि कुल निर्यात मूल्य पर इसका प्रभाव नगण्य ही रहेगा।