बोहरा समाज ने वक्फ प्रॉपर्टी पर अतिक्रमण के लगाए गंभीर आरोप, SOG से जांच की मांग
Udaipur Times, Udaipur News: हाल ही मे हुए उदयपुर के इंद्रा नगर बीड़ा मंदिर विवाद मे नया मोड आ गया है । दाऊदी बोहरा जमात ने प्रशासन को कठघरे मे खड़ा करते हुए सवाल उठाया है की मंदिर की पुनर्निर्माण और मंदिर तक जाने तक का रास्ता देने से पहले प्रशासन को पहले यह जांच करनी चाहिए कि सम्पति किसकी है।
दाऊदी बोहरा जमात के लीगल कन्वीनर अल्ताफ हुसैन ने प्रेसवार्ता कर बताया की वर्ष 1931 से लेकर आज तक यह जमीन बोहरा समुदाय की निजी संपती है, जिसे तत्कालीन मेवाड़ रियासत से क्रय की गई थी। और यह संपती मोगराबाड़ी सैफी बाग खांजीपीर कब्रिस्तान के नाम से जानी जाती है और यह संपती राजस्थान बोर्ड ऑफ मुस्लिम वक्फ मे पंजीकृत है।
उन्होंने बताया की पूर्व मे भी इस जमीन पर कई बार अतिक्रमियों द्वारा टीनशेड व कच्ची सड़क का निर्माण कर किया गया था। जिस पर पर उदयपुर नगर निगम द्वारा उन्हे हटाने का नोटिस भी जारी किया गया था।
दाऊदी बोहरा जमात ने इस तथ्य से भी अवगत करवाया की जहां मंदिर विवाद हुआ है वहाँ कभी मंदिर था ही नहीं इस बाबत 2019 मे ड्रोन सर्वे की तस्वीरे भी मीडिया मे पेश की गई।
दाऊदी बोहरा जमात ने प्रशासन से अनुरोध किया है की प्रशासन किसी के दबाव मे न आकर सम्पूर्ण मामले की SOG या स्पेशल टीम गठित कर जांच करवाए। ताकि किसी की सांप्रदायिक भावनाओ को ठेस न पहुंचे और बोहरा समुदाय की बेशकीमती जमीन पर किसी का अनाधिकृत कब्ज़ा न हो।
दाऊदी बोहरा जमात ने प्रशासन से यह भी मांग की है कि सपूर्ण तथ्यों की जांच SOG या स्पेशल टीम की जांच जब तक पूर्ण नहीं हो जाती तब तक प्रशासन अपनी अनुमति विड्रो करे और मौके पर किसी भी निर्माण पर अविलंब रोक लागाई जाए।