राजस्थान में 'बोलता चित्र’ बना आकर्षण का केंद्र, महाराज शक्ति सिंह जी की भव्य तैलकृति ने जीता दिल

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Grand oil painting of Maharaj Shakti Singh Ji unveiled during his 484th birth anniversary celebration in Mewar

Udaipur Times, Rajasthan News: 28 मई 2026 । मेवाड़ के शौर्य, स्वाभिमान और गौरवशाली इतिहास को सजीव करता महाराज शक्ति सिंह जी का भव्य तैल चित्र इन दिनों पूरे राजस्थान में विशेष आकर्षण और चर्चा का विषय बना हुआ है। महाराज शक्ति सिंह जी की 484वीं जयंती के अवसर पर मेवाड़ के ख्यातनाम चित्रकार डॉ. ओम प्रकाश सोनी, बिजौलियाँ द्वारा निर्मित यह चित्र कला और इतिहास का अद्भुत संगम माना जा रहा है।

चित्र का अवलोकन करते हुए रणधीर सिंह भींडर ने कहा “युगों-युगों तक याद रखा जाएगा महाराज शक्ति सिंह जी का यह चित्र।” उन्होंने इसे केवल एक कलाकृति नहीं, बल्कि मेवाड़ की वीर परंपरा, त्याग और स्वाभिमान की जीवंत अभिव्यक्ति बताया।

ऐतिहासिक तथ्यों और शोध पर आधारित अद्वितीय कृति

डॉ. ओम प्रकाश सोनी द्वारा निर्मित यह तैल चित्र इतिहास में उपलब्ध तथ्यों, प्रातः स्मरणीय महाराणा प्रताप एवं महाराज शक्ति सिंह जी के उपलब्ध चित्रों, ऐतिहासिक संदर्भों तथा वर्षों के अध्ययन एवं शोध के आधार पर तैयार किया गया है। चित्र में शक्ति सिंह जी के तेजस्वी व्यक्तित्व, वीरता, राजसी गरिमा और स्वाभिमान को अत्यंत प्रभावशाली एवं जीवंत शैली में दर्शाया गया है।

चित्र को देखने वाले कला प्रेमियों का कहना है कि यह केवल चित्र नहीं, बल्कि ऐसा प्रतीत होता है मानो इतिहास स्वयं सामने उपस्थित हो।

“बोलता चित्र” बनकर उभरी मेवाड़ की शौर्यगाथा

समस्त मेवाड़ सहित पूरे राजस्थान में इस चित्र की व्यापक सराहना हो रही है। इतिहासकारों एवं कला समीक्षकों का मानना है कि जिस प्रकार महान चित्रकार राजा रवि वर्मा ने अपने चित्रों के माध्यम से ऐतिहासिक पात्रों को जन-जन तक पहुँचाया, उसी प्रकार डॉ. ओम प्रकाश सोनी ने महाराज शक्ति सिंह जी के इस “बोलते चित्र” के माध्यम से मेवाड़ के स्वर्णिम इतिहास को नई पीढ़ी के सामने जीवंत कर दिया है।

विशेषज्ञों के अनुसार चित्र की सबसे बड़ी विशेषता इसकी ऐतिहासिक प्रामाणिकता और भावनात्मक अभिव्यक्ति है। शक्ति सिंह जी के चेहरे की दृढ़ता, नेत्रों का तेज, शौर्यपूर्ण मुद्रा और राजसी आभा दर्शकों को सीधे उस गौरवशाली युग में ले जाती है।

भींडर की कल्पना ने दिया विशेष स्वरूप

इस ऐतिहासिक चित्र के निर्माण में डॉ. ओम प्रकाश सोनी की इतिहास एवं मेवाड़ की परंपराओं के प्रति गहरी रुचि और वर्षों के अध्ययन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं रणधीर सिंह भींडर की कल्पना, दृष्टि एवं शक्ति सिंह जी के व्यक्तित्व की गहन समझ ने इस चित्र को विशेष ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया।

समारोह में उमड़ा मेवाड़ का गौरव

महाराज शक्ति सिंह जी की 484वीं जयंती के अवसर पर आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक विश्वराज सिंह मेवाड़ उपस्थित रहे, जबकि अध्यक्षता सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ ने की। समारोह में मेवाड़ के प्रमुख उमरावों, इतिहासकारों, कला प्रेमियों एवं शहर के अनेक गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

समारोह में उपस्थित लोगों ने इस चित्र को मेवाड़ की सांस्कृतिक धरोहर बताते हुए कहा कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा तथा महाराज शक्ति सिंह जी के अद्वितीय योगदान को सदैव स्मरण कराता रहेगा।


 

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