केंद्रीय श्रमिक संगठनों के आह्वान पर रैली व प्रदर्शन

मजदूर विरोधी चार लेबर कोड वापस लेने, वीबी जी रामजी योजना रद्द कर मनरेगा क़ानून बहाल करने और MSP पर क़ानून बनाने की मांग 
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Labour rally

उदयपुर 12 फ़रवरी 2026। केंद्रीय श्रमिक संगठनों एवं संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के संयुक्त आह्वान पर आज आहूत राष्ट्रीय आम हड़ताल के तहत उदयपुर शहर में बैंक, बीमा, औद्योगिक क्षेत्र के श्रमिकों, महिला संगठनों, किसानों व असंगठित क्षेत्र के मजदूरों ने टाउन हॉल से रैली निकालकर जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय पर प्रदर्शन किया एवं सभा का आयोजन किया। 

सभा की अध्यक्षता इंटक के प्रदेशाध्यक्ष जगदीश राज श्रीमाली ने की। रैली के दौरान मजदूर विरोधी श्रम कोड वापस लो, जी राम जी योजना रद्द करो, मनरेगा कानून को पुनः बहाल करो, निजीकरण ठेकाकरण नहीं चलेगा, सामाजिक सुरक्षा पर हमले बंद करो, किसान आंदोलन से जुड़े लंबित मुद्दे तत्काल हल करो, अमेरिका के साथ संभावित व्यापार समझौता रद्द करो, किसान विरोधी मजदूर विरोधी व्यापार समझौता नहीं चलेगा, संवैधानिक मूल्यों पर हमला बंद करो, देश की सार्वजनिक संपत्तियों को बेचना बंद करो, मोदी सरकार होश में आओ, बिजली संशोधन विधेयक 2025 वापस लो आदि नारे लगाते हुए रैली जिला कलेक्ट्रेट पर पहुंच कर प्रदर्शन किया व इस के पश्चात सभा आयोजित की गई।

सभा को संबोधित करते हुए इंटक के प्रदेशाध्यक्ष जगदीश राज श्रीमाली ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार श्रमिकों व किसानों के खिलाफ नीतियां लेकर आ रही है।  सीटू के जिलाध्यक्ष और पूर्व पार्षद राजेश सिंघवी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिनको बचाने की बात करते हैं, उनकी बर्बादी तय है। 

किसान महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष चंद्रदेव ओला ने कहा कि ये कोड श्रमिकों के बड़े हिस्से को ‘श्रमिक’ के दर्जे व दायरे से बाहर कर देंगे और उनका अस्तित्व ही खतरे में पड़ जाएगा। एटक नेता सुभाष श्रीमाली ने कहा कि असल में, ये कोड मालिकों की मांग पर और आरएसएस-भाजपा से जुड़ी ट्रेड यूनियन, बीएमएस के समर्थन से लाए गए हैं। 

बीमा यूनियन के एम एल सियाल ने कहा कि केन्द्र सरकार जहां कोयला, रेल, डिफेंस, शिक्षा, स्वास्थ्य, आदि का जोरों से निजीकरण जारी है, बीमा क्षेत्र में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति का कानून बना दिया गया है, जिससे विदेशी कंपनियों को घरेलू बीमा व्यवस्था पर कब्ज़ा करने का अधिकार मिल जाएगा, और यह सामाजिक सुरक्षा भी आम जनता की पहुंच से बाहर हो जाएगी। देश की जनता की छोटी-छोटी बचत एवं गाड़ी कमाई पर विदेशी पूंजी का अधिकार हो जाएगा, जो देश की अर्थव्यवस्था को कमजोर करेगा।

महिला संगठन ऐपवा राज्य सचिव फरहत बानू ने कहा कि साथ सरकार ने बिजली और खेती को अडानी, अंबानी सरीखे पूंजीपतियों के हवाले करने के लिए विद्युत (संशोधन) विधेयक, 2025 और बीज विधेयक जारी कर दिए हैं। इंटक नेता नारायण गुर्जर ने कहा कि देश की परमाणु सुरक्षा और संप्रभुता को खतरे में डालते हुए एक बेहद संवेदनशील और खतरों से भरे परमाणु ऊर्जा उत्पादन क्षेत्र को निजी और विदेशी कंपनियों के हवाले कर दिया गया है। इसके लिए “सस्टेनेबल हार्नेसिंग एंड एडवांसमेंट ऑफ न्यूक्लियर एनर्जी फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया (शांति) कानून” पास कर दिया गया है। 

महाविद्यालय शैक्षणिक कर्मचारी संघ के नेता हेमेंद्र चंडालिया ने कहा कि शैक्षणिक संस्थाओं का निजीकरण किया जा रहा है व शिक्षा को बड़े कॉर्पोरेट व पूंजीपतियों के लिए व्यापार बना दिया गया है। आज शिक्षा व्यापारिक नीतियों के कारण आम आदमी से दूर हो रही है। शिक्षा के नीजिकरण को रोका जाए। सभा के पश्चात ट्रेड यूनियन नेताओं द्वारा जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सोपा गया।

ज्ञापन में मजदूरों किसानों ने मांग की है कि -

1- मजदूरों को गुलाम बना देने वाले चारों श्रम कोड वापस लें और समाप्त किए गए 29 श्रम क़ानूनों को बहाल कराएँ 
2- विकसित भारत रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण),क़ानून 2026 वापस लें और “मनरेगा “ क़ानून बहाल करें 
3-किसनों से किये वायदे के अनुसार स्वामीनाथन आयोग की सिफ़रीश के अनुसार सभी फसलों के लाभकारी मूल्य के लिए एमएसपी गारंटी क़ानून पारित करा लागू कराएँ 
4- अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प के दवाब में किए गए देश की कृषि, डेयरी, और छोटे व्यवसायों को बर्बाद करने वाली व्यापार डील को देश हित में रद्द करें!
5-अंधाधुंध निजीकरण बंद करो।
6.ठेका प्रथा बंद कर नई भर्ती शुरू करने की मांग की।

सभा को इंटक से इंदु शेखर व्यास, खुश्वेंद्र कुमावत, सेमसन भगोरा व सुरेश श्रीमाली, सीटू के हीरालाल सालवी, ऐक्टू के अनिल शर्मा, रजिया बानू, रूखसाना, शकीला, रणधीर चौधरी, इंटक सेवादल के महामंत्री गोपाल सरपट, ठेला मजदूर यूनियन के गुमान सिंह राव, मोहम्मद निजाम, रानू सालवी, याकुब मोहम्मद, मोहम्मद शाहिद, विनोद दया, निर्माण मजदूर एकता यूनियन के शमशेर खान, बंशीलाल चौहान, आरएमएस आर यू के बृजेश चौधरी, बैंक यूनियन से पी.एस. खींची, डी.के. जैन, विनोद कपूर, बीमा से महेश बदलनी, अनूप जैन, शमशेर सिंह नंदवानी, समता संदेश के हिम्मत सेठ, ऐपवा से मुन्नीजी, नजमा, शकीला, शहजाद, रईशा आदि ने भी संबोधित किया।

बीमा कर्मचारी यूनियन के नेता एवं समन्वय समिति के उप संयोजक एम एल सिंयाल ने सभा का संचालन किया।