Chittorgarh: ग्रामीण और शहरी सेवा शिविर की तैयारी
दुर्घटना में हानि पर परिवारों को तुरंत आर्थिक सहायता देने के लिए सहायता केंद्र और ई-मित्र के माध्यम से आवेदन संभव”
1. ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों के सफल आयोजन हेतु जिला कलक्टर ने दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
चित्तौड़गढ़, 15 सितम्बर। राज्य सरकार द्वारा आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ घर-घर तक पहुँचाने के उद्देश्य से ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविर आगामी 17 सितम्बर से पूरे प्रदेश में प्रारम्भ किए जा रहे हैं। सोमवार को जिला कलक्टर आलोक रंजन ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जिले के समस्त उपखंड अधिकारियों, अधिशासी अधिकारियों, तहसीलदारों, विकास अधिकारियों, ग्राम विकास अधिकारियों, पटवारियों एवं राजस्व कार्मिकों को इन शिविरों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। कलक्टर ने कहा कि इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य आमजन की समस्याओं का मौके पर ही त्वरित निस्तारण करना है। किसी भी आवेदक को समय-सीमा में बाँधा न जाए, बल्कि जब तक शिविर में लोग उपस्थित रहें, उनकी समस्याओं का निराकरण किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक विभाग शिविरों में सक्रिय भूमिका निभाते हुए आमजन को योजनाओं एवं सेवाओं का अधिकतम लाभ सुनिश्चित करें।
उन्होंने बताया कि शिविरों की दैनिक सघन मॉनिटरिंग की जाएगी, ताकि गुणवत्ता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
जिला कलक्टर ने कहा कि 17 सितम्बर से शहरी सेवा शिविर भी प्रारम्भ हो रहे हैं, ऐसे में शहरी निकायों सहित सभी विभाग समन्वय स्थापित कर शिविरों को सफल बनाने में योगदान दें।
जिला कलक्टर ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को यह भी निर्देशित किया कि वे अपने कार्य के प्रति पूर्ण जिम्मेदारी के साथ जुटें तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाए। उन्होंने कहा कि इन शिविरों की सफलता से न केवल आमजन की समस्याओं का समाधान होगा बल्कि शासन की योजनाओं का लाभ भी वास्तविक हितग्राहियों तक पहुँचेगा।
इस अवसर पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) प्रभा गौतम, प्रशिक्षु आईएएस रविन्द्र मेघवाल,नगर परिषद प्रशासक विनोद मल्होत्रा, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद राकेश पुरोहित, उपखंड अधिकारी बीनू देवल सहित, जिला स्तरीय अधिकारी, सभी उपखंड अधिकारी, तहसीलदार, विकास अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी एवं समस्त राजस्व अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
2. राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग के जिला कार्यालय अब मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना के सहायता केंद्र
चित्तौड़गढ़, 15 सितम्बर। राजस्थान सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना एक महत्वपूर्ण एवं जनकल्याणकारी योजना है, जिसके तहत पात्र परिवारों को दुर्घटनाओं की स्थिति में अधिकतम 10 लाख रुपये तक की वार्षिक सहायता राशि प्रदान की जाती है।
इस योजना का लाभ मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य (MAA) योजना एवं राजस्थान सरकार स्वास्थ्य योजना (RGHS) में बीमित/पंजीकृत परिवारों को तथा प्रदेश की पांचों विद्युत कंपनियों के उन कर्मचारियों को दिया जाता है जो इन दोनों योजनाओं में सम्मिलित नहीं हैं।
किन परिस्थितियों में लाभ मिलेगा? रेल, वायु या सड़क दुर्घटना, ऊँचाई से गिरने अथवा वस्तु गिरने, मकान ढहने, थ्रेशर मशीन, आरा मशीन, ग्लान्डर आदि से दुर्घटना, बिजली का झटका, डूबना, जलना अथवा रासायनिक द्रव्यों के छिड़काव से दुर्घटनाओं में मृत्यु अथवा क्षति होने पर योजना का लाभ उपलब्ध है।
बचाव सूचना हाल ही में यह पाया गया है कि कई लाभार्थी योजना की जानकारी के अभाव में मध्यस्थ व्यक्तियों के माध्यम से दावा प्रस्तुत करते हैं, जिससे वे गुमराह हो जाते हैं।
ऐसे मध्यस्थ समय पर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करते, जिसके कारण पात्र होने के बावजूद पीड़ित परिवार योजना का लाभ नहीं ले पाता। जबकि योजना में लाभ लेने के लिए किसी मध्यस्थ की आवश्यकता नहीं है।
दावेदार स्वयं अथवा ई-मित्र के माध्यम से आसानी से आवेदन कर सकता है। सहायता कहां मिलेगी? किसी भी प्रकार की कठिनाई आने पर लाभार्थी परिवार सीधे राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग, जिला कार्यालय चित्तौड़गढ़ के समर्पित सहायता केंद्र से संपर्क कर सकता है।
इसके अतिरिक्त जिला हेल्पलाइन नंबर 9413988256 केंद्रीय हेल्पलाइन नंबर 1800-180-6268 पर भी संपर्क कर आवश्यक सहयोग व जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
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