Chittorgarh: समीक्षा बैठक एवं कृषक संवाद कार्यक्रम का आयोजन

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Collector Alok Ranjan orders strict action against illegal parking and directs dust control work on Chanderiya Road, Chittorgarh.

चित्तौड़गढ़, 29 जनवरी।

1.समीक्षा बैठक एवं कृषक संवाद कार्यक्रम का आयोजन

आगामी वित्तीय वर्ष के बजट प्रस्तुतीकरण से पूर्व राजस्थान किसान आयोग, जयपुर के अध्यक्ष माननीय डॉ. सी.आर. चौधरी की अध्यक्षता में जिला कलक्टर आलोक रंजन एवं अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रभा गौतम की उपस्थिति में कृषि, उद्यान एवं कृषि से संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में कृषक हित में संचालित योजनाओं की प्रगति एवं क्रियान्वयन के दौरान आ रही समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के दौरान कृषि एवं उद्यान विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। उप निदेशक उद्यान श्री शंकरलाल जाट ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत निर्धारित इकाई लागत में हुई वृद्धि के अनुरूप अनुदान राशि बढ़ाने का सुझाव प्रस्तुत किया। पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान अध्यक्ष महोदय ने प्रत्येक पशुपालक को समय पर सॉर्टेड सीमन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, जिससे बछियों के जन्म को प्रोत्साहन मिल सके एवं दुग्ध उत्पादन में वृद्धि हो। सहकारिता विभाग द्वारा कार्मिकों की भर्ती संबंधी सुझाव रखे गए। जल संसाधन विभाग के राजकुमार शर्मा ने जिले के बांधों की वर्तमान स्थिति एवं सिंचाई नहरों की जानकारी दी। इसके अतिरिक्त राजस्थान राज्य बीज निगम, बीज प्रमाणीकरण संस्था, विद्युत विभाग, भू-जल विभाग, कृषि विज्ञान केंद्र एवं नाबार्ड के अधिकारियों से भी अध्यक्ष महोदय ने चर्चा कर योजनाओं की शत-प्रतिशत प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक के उपरांत आयोजित कृषक संवाद कार्यक्रम में कृषकों एवं महिला कृषकों ने सक्रिय सहभागिता की। रतनलाल गाडरी ने कृषकों को गौपालन करने वाले कृषकों को भी गौशालाओं की तर्ज पर अनुदान दिए जाने तथा अफीम डोडा नष्ट करने के स्थान पर जैविक कीटनाशक निर्माण तकनीक विकसित करने का सुझाव दिया।

भूमि विकास बैंक के चेयरमैन बद्रीलाल जाट ने भावांतर योजना, जंगली सुअर से फसलों की सुरक्षा एवं “गांव का पानी गांव में रहे” की अवधारणा के तहत मातृकुंडियां बांध के जल का उपयोग जिले के कृषकों को उपलब्ध कराने का सुझाव दिया। पूर्व जिला प्रमुख मिठूलाल जाट ने रासायनिक खेती से होने वाले दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए जैविक खेती को बढ़ावा देने एवं जिला स्तर पर जैविक प्रयोगशालाएं स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। संवाद कार्यक्रम में रतन सिंह गंठेड़ी, नारायण सिंह सहित अनेक कृषकों एवं महिला कृषक हेमलता पुठोली ने अपने विचार एवं सुझाव रखे। अध्यक्ष डॉ. सी.आर. चौधरी ने बताया कि वर्ष 2027 तक किसानों को दिन में आवश्यकता अनुसार विद्युत उपलब्ध कराई जाएगी तथा राज्य विद्युत उत्पादन में आत्मनिर्भर होकर अन्य राज्यों को भी बिजली उपलब्ध कराने की स्थिति में पहुंचेगा। उन्होंने बताया कि गौशालाओं की तर्ज पर गौपालकों को अनुदान देने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा जा चुका है।

साथ ही छोटी जोत वाले कृषक जो बैलों से खेती कर रहे हैं, उन्हें ₹30,000 प्रति बैल जोड़ी प्रतिवर्ष देने की योजना इसी वित्तीय वर्ष से प्रारंभ कर दी गई है। कृषक संवाद के दौरान प्राप्त समस्याओं एवं सुझावों को लिखित रूप में संकलित कर उनका अध्ययन कर राज्य सरकार को आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में समावेश हेतु अनुशंसा के साथ भेजे जाने का आश्वासन दिया गया। इस अवसर पर राजस्थान में अब तक आयोजित कृषक संवाद कार्यक्रमों में इस जिले में महिलाओं की सर्वाधिक भागीदारी की सराहना की गई। कृषक संवाद कार्यक्रम में उपस्थित कृषकों को निःशुल्क 2 पौधे फैशन फ्रूट एवं 30 पौधे टमाटर के वितरित किए गए। कार्यक्रम में लगभग 250 कृषकों ने भाग लिया। इसके पश्चात रमेश आमेटा द्वारा सीताफल उत्कृष्टता केंद्र में संचालित गतिविधियों—पॉलीहाउस, नेट हाउस, फलदार पौध नर्सरी एवं सब्जी पौध उत्पादन—का अवलोकन कराया गया, जिसकी अध्यक्ष महोदय ने प्रशंसा की। कार्यक्रम में अतिरिक्त निदेशक कृषि (खण्ड) ईन्द्र सिंह संचेती, संयुक्त निदेशक कृषि दिनेश कुमार जागा, उप निदेशक डॉ. ओ.पी. शर्मा, सहायक निदेशक अंशु चौधरी, मुकेश धाकड़, कृषि अधिकारी गोपाललाल शर्मा, डॉ. शिवांगी जोशी, सुनील खाईवाल, दिनेश जाट सहित कृषि पर्यवेक्षकों ने भाग लिया।

2. संपूर्णता अभियान 2.0 को लेकर जिला कलक्टर ने निंबाहेड़ा में ली समीक्षा बैठक

 जिला कलक्टर आलोक रंजन ने गुरुवार को संपूर्णता अभियान 2.0 के अंतर्गत निंबाहेड़ा पंचायत समिति सभागार में जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। यह अभियान 28 जनवरी से 14 अप्रैल तक संचालित किया जा रहा है। बैठक में सुरक्षित मातृत्व अभियान, आंगनवाड़ी केंद्रों का संचालन, वहां उपलब्ध पानी, बिजली एवं शौचालय की व्यवस्था, विद्यालयों में शौचालय निर्माण, पशुपालन विभाग द्वारा चलाए जा रहे टीकाकरण अभियान तथा चिकित्सालय निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

जिला कलक्टर ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि 14 अप्रैल तक अभियान के सभी लक्ष्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए तथा संबंधित गतिविधियों एवं दिवसों का सुव्यवस्थित आयोजन सुनिश्चित किया जाए। बैठक में उपखण्ड अधिकारी विकास पंचोली, तहसीलदार, विकास अधिकारी सहित जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

3.जिला चिकित्सालय निर्माण में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं— जिला कलक्टर

 जिला कलक्टर श्री आलोक रंजन ने गुरुवार को निंबाहेड़ा में निर्माणाधीन जिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता के नाम पर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर ने ठेकेदार एवं इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों से निर्माण की प्रगति, उपयोग में लाई जा रही सामग्री तथा कार्य की गुणवत्ता की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कार्य को निर्धारित मापदंडों के अनुरूप समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के समय तहसीलदार, पीएमओ सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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