महाकाल मंदिर में पूजा को लेकर गहराता जा रहा है विवाद

मंदिर ट्रस्ट का आरोप - गृर्भगृह में प्रवेश कर मंदिर सेवादार व सुरक्षा गार्ड के साथ की हाथापाई

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Mahakaleshwar mandir udaipur

पूर्व पार्षद ने भी ट्रस्टी के खिलाफ अम्बामाता थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है

उदयपुर। रानी रोड स्थित महाकाल मंदिर में पूजा को लेकर विवाद गहराता जा रहा है।  मंदिर के ट्रस्टी ने पूर्व पार्षद के खिलाफ गर्भगृह में घुसकर जबरन पूजा करने और हंगामा करने का केस दर्ज करवाया है। वहीँ पूर्व पार्षद ने भी ट्रस्टी के खिलाफ अम्बामाता थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है।   

सार्वजनिक प्रन्यास मंदिर श्री महाकालेश्वर की एक अति आवश्यक मीटिंग, पदाधिकारियों, कार्यकारिणी, सर्वसमाज व शिव भक्तों की आज दिनांक 2 जनवरी 2022 एक बैठक प्रन्यास के संरक्षक बी.एस.कानावत की अध्यक्षता में आहूत की गई। बैठक में राज्य सरकार की कोरोना गाइड लाईन के अनुरूप कोरोना के नए वैरियंट को देखते हुए मंदिर में दर्शन व अन्य सभी व्यवस्थाओं के संबंध में आवश्यक निर्णय किये गये। जिसमें गर्भगृह में पूर्व की भांति प्रवेश पूर्ण आमजन के लिए निषेध रहेगा तथा जलाभिषेक की व्यवस्था सभा मण्डप में स्थित घट से दोपहर 1 बजे तक की जाएगी  व चारों प्रहर की विधिवत् पूजा पूर्व निर्देशों के अनुरूप की जाएगी। मंदिर गर्भगृह में प्रवेश केवल पुजारी व ट्रस्ट द्वारा नियुक्त सेवादार का ही रहेगा। जिसमें कारोना गाइड लाईन व प्रशासन के निर्देशों की पूर्ण पालना की जाएगी। 

बैठक में आरोप लगाया गया की विगत 6-7 दिनों से पूर्व पार्षद और उनके साथियो द्वारा गर्भगृह में प्रवेश करने के बार बार प्रयास किये गये जिसकी सूचना विधिवत् रूप से प्रन्यास के द्वारा पुलिस अधीक्षक, एडीएम सिटी व थाना अम्बामाता को समय-समय पर दी गई। इसके पश्चात् भी पूर्व पार्षद द्वारा निरन्तर 6-7 दिनों गर्भगृह में प्रवेश किया व मंदिर की सेवादार व सुरक्षागार्ड से धक्का मुक्की कर मारपीट की गई। जिससे उनको चोटे आई व पुलिस में प्रकरण दर्ज हुआ। बैठक में सर्वसमाज व कार्यकारिणी द्वारा इसकी तीव्र भर्त्सना व निन्दा करते हुए प्रशासन से मांग की कि उक्त प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए समुचित व्यवस्था की जाए व राज्य सरकार की कोरोना गाईड लाईन की पालना मंदिर द्वारा की जा रही है जिसमें पूर्ण सहयोग प्रदान करें।

बैठक में अध्यक्ष तेजसिंह सरूपरिया, सचिव चन्द्रशेखर दाधीच, महिपाल शर्मा, दूल्हेशंकर नागदा, सुनील भट्ट, एडवोकेट सुन्दरलाल माण्डावत, रमाकान्त अजारिया, श्रीमती दीक्षा भार्गव, ओम सोनी, चतुर्भुज आमेटा, विनोद कुमार शर्मा, दिनेश मेहता, राधेश्याम दाधीच, अनिल चैधरी, चन्द्रवीर सिंह राठौर, यतीन्द्र दाधीच, गोपाल लोहार, रमेश सोनी, भरत छाजेड, सुरेन्द्र मेहता, योगेशगिरी गोस्वामी, आरती जोशी, अल्का शर्मा, सीमा शर्मा, प्रेमलता लोहार, सुनील शर्मा सहित प्रन्यास की कार्यकारिणी सदस्य व शिवभक्त मौजूद थे।

बैठक में सर्वसहमति से निर्णय लिया कि इस प्रकार की घटनाओं की पुनर्रावृति को रोकने व भविष्य में ऐसा दोबारा न हो उसके लिए एक प्रतिनिधि मण्डल राज्य सरकार से अवगत कराने के लिए जयपुर जाएगा।

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