प्रोफेसर महेंद्र सिंह ढाका की बर्खास्तगी पर हाईकोर्ट के स्टे के बाद अब एक नया मोड आ गया

बहाली के आदेश पर फिर लगी रोक

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New twist in Prof Mahendra Dhaka restatement stay from higfh court

Udaipur Times News, University News, Stay on the Court Order, Mohan Lal Sukhadia Univeristy, उदयपुर 8 अगस्त 2026 - शहर के विश्वविद्यालय में फिजिक्स विभाग के प्रोफेसर डॉ. महेंद्र सिंह ढाका की बर्खास्तगी से जुड़े मामले में राजस्थान हाईकोर्ट के स्टे आदेश के बाद नया कानूनी मोड़ आ गया है।

हाईकोर्ट ने प्रोफेसर ढाका के पक्ष में दिए गए स्टे आदेश पर रोक लगा दी है। इसके बाद विश्वविद्यालय में उनकी सेवा समाप्ति और पुनर्बहाली को लेकर मामला फिर चर्चाओं मे आ गया है।

गौरतलब है की यह मामला 2010 में विश्वविद्यालय में हुई भर्तियों से जुड़ा हुआ है। प्रोफेसर ढाका की नियुक्ति को लेकर फर्जीवाड़े और नियमों के उल्लंघन की शिकायतें सामने आने के बाद विश्वविद्यालय ने वर्ष 2022 में मामले की जांच के लिए एक समिति गठित की थी। मई 2023 की जांच रिपोर्ट में सामने आया था कि प्रोफेसर ढाका की नियुक्ति ओबीसी आरक्षित पद पर बिना वैध प्रमाणपत्र और यूजीसी के नियमों को दरकिनार कर किए जाने की बात कही गई। Udaipur News

जांच रिपोर्ट के आधार पर उदयपुर के प्रतापनगर थाने में उनके खिलाफ मामला भी दर्ज हुआ था। इसके बाद विश्वविद्यालय ने 23 दिसंबर 2025 को उन्हें पद से हटा दिया था। सेवा समाप्ति के बाद प्रोफेसर ढाका ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की, लेकिन उन्हें तत्काल कोई अंतरिम राहत नहीं मिली। MSLU News 

इसके बाद उन्होंने पुरानी याचिका मे बदलाव किए बिना ही दूसरी याचिका दायर करदी ।

पहली याचिका वापस लेकर चालाकी से दूसरी याचिका में 27 मई 2026 को स्टे हासिल किया गया। इस स्टे के बाद करीब छह महीने बाद प्रोफेसर ढाका को दोबारा नौकरी पर बहाल कर दिया गया। अब हाईकोर्ट द्वारा स्टे आदेश पर रोक लगाए जाने के बाद प्रोफेसर ढाका की सेवा और नियुक्ति को लेकर स्थिति फिर बदल गई है। पूरा मामला वर्ष 2010 में हुई विश्वविद्यालय की भर्तियों, ओबीसी आरक्षण प्रमाणपत्र और नियुक्ति प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं से जुड़ा हुआ है। University News Udaipur 

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